Nagpur ZP School Closures: नागपुर कभी 'गांव वहां स्कूल' की सोच के साथ सरकार ने ग्रामीण और दुर्गम क्षेत्रों में शिक्षा की सुविधा पहुंचाने के लिए जिला परिषद के स्कूल शुरू किए थे लेकिन अब ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी स्कूलों की स्थिति चिंताजनक होती जा रही है। कहीं विद्यार्थी हैं तो शिक्षक नहीं और कहीं शिक्षक हैं तो विद्यार्थियों की संख्या बेहद कम है।
परिणामस्वरूप विद्यार्थियों की कमी के कारण जिले में पिछले पांच वर्षों में जिला परिषद के 16 स्कूल बंद हो चुके हैं। जिले के ग्रामीण और दुर्गम क्षेत्रों में वर्तमान में जिला परिषद के 1,509 स्कूल संचालित हैं। करीब पांच वर्ष पहले इन स्कूलों में 75 हजार से अधिक विद्यार्थी पढ़ते थे। अब यह संख्या घटकर 60 हजार से कुछ अधिक रह गई है। यानी लगभग 15 हजार विद्यार्थियों की कमी हुई है।
विद्यार्थियों की लगातार घटती संख्या के कारण स्कूलों के अस्तित्व पर ही सवाल खड़ा हो गया है। पिछले पांच वर्षों में बंद हुए 16 स्कूलों में नरखेड़ तहसील के 4 स्कूल शामिल हैं। वर्ष 2022-23 में जिप प्राथमिक स्कूल बोधापुर और प्राथमिक स्कूल जुनेनानी बंद हुए। वर्ष 2023-24 में प्राथमिक स्कूल कामठी टोला और प्राथमिक स्कूल खुशालपुर बंद हुए। इसके अलावा वर्ष 2021-22 में पारशिवनी तहसील का जिप प्राथमिक स्कूल सीएम टेकाड़ी बंद हुआ।
वर्ष 2024-25 में काटोल का प्राथमिक स्कूल आलागोंडी, नरखेड़ के उच्च्च प्राथमिक स्कूल थोड़ा मोहाड़ी, प्राथमिक स्कूल शाहपुर, प्राथमिक स्कूल उत्तराव तथा सावनेर का परिषद प्राथमिक स्कूल गुमगांव बंद हुए। सरकारी स्कूलों में पर्याप्त शिक्षक नहीं होने और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को लेकर अभिभावकों में असंतोष बढ़ रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों के कई अभिभावक महंगी फीस देकर शहरों के कॉन्वेंट और निजी स्कूलों में भेजने को मजबूर हैं।
वर्ष 2025-26 में पारशिवनी तहसील का प्राथमिक स्कूल डुमरी स्टेशन (नंदगांव) और रामटेक तहसील का प्राथमिक स्कूल लोहारा बंद हुए। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी शिक्षा व्यवस्था के सामने खड़े संकट का अंदाजा लगाया जा सकता है। जिले के स्कूलों में शिक्षकों के कुल 4,092 पद मंजूर है। इनमें से वर्तमान में 3,394 शिक्षक कार्यरत हैं जबकि 698 पद रिक्त हैं।
शिक्षकों की कमी का सीधा असर विद्यार्थियों की पढ़ाई पर पड़ रहा है। इसके अलावा शिक्षकों पर जनगणना, मतदाता सूची और अन्य सरकारी कार्यों का बोझ भी रहता है। इसके कारण शिक्षक कई बार स्कूल के बजाय प्रशासनिक कार्यों में अधिक व्यस्त नजर आते हैं। ऐसे में ग्रामीण विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने की चुनौती और बढ़ जाती है।
जिप के कुल स्कूल: 1,509, जिनमें पिछले पांच वर्षों में 16 स्कूल बंद हुए हैं।
विद्यार्थियों की संख्या: पांच वर्ष पहले 75,000 थी, जो घटकर अब 60,000 रह गई है। यानी करीब 15,000 विद्यार्थियों की कमी हुई है।
शिक्षकों के पद: कुल 4,092 पद मंजूर हैं, जबकि वर्तमान में 3,394 शिक्षक कार्यरत हैं और 698 पद रिक्त हैं।
नरखेड़ तहसील: पिछले पांच वर्षों में यहां 4 जिप स्कूल बंद हुए हैं।