नागपुर जिला परिषद सोर्स- सोशल मीडिया
नागपुर

डिजिटल क्लास के दावे खोखले, नागपुर में जर्जर हुई ZP स्कूलों की इमारतें, 1400 से ज्यादा क्लासरूम्स खतरे में

Nagpur Zilla Parishad Schools: नागपुर जिला परिषद स्कूलों में डिजिटल शिक्षा के दावों के बीच 1,461 क्लासरूम्स और 300 से अधिक शौचालय जर्जर हालत में हैं। बच्चों की सुरक्षा पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है।

प्रमोद यादव

Highlights

  • नागपुर जिले में जिला परिषद के अधीन 1,509 स्कूल हैं।

  • 5,171 क्लासरूम के सर्वेक्षण में 3,710 अच्छी स्थिति में मिले।

  • 588 क्लासरूम के तत्काल पुनर्निर्माण और 873 की मरम्मत की जरूरत है।

  • सर्वेक्षण में 307 शौचालयों की स्थिति खराब पाई गई।

  • मिशन संजीवनी के तहत 200 स्कूलों में मरम्मत, रंगरोगन और बुनियादी सुविधाओं में सुधार किया जाएगा।

Dilapidated Classrooms Nagpur: नागपुर जिले में जिला परिषद की शालाओं को डिजिटल बनाने और कम्प्यूटरीकृत लाइब्रेरी आदि की सुविधा उपलब्ध कराने का कार्य किया जा रहा है लेकिन दूसरी ओर ऐसी भी हालत है कि अनेक शाला इमारतों के क्लासरूम जर्जर हालत में हैं।

कहीं-कहीं तो शौचालयों की स्थिति बेहद ही खराब है। ऐसे में इन शालाओं में पढ़ने वाले विद्यार्थियों की सुरक्षा व स्वास्थ्य पर सवाल खड़े हो गए हैं। जिले की जेडपी शालाओं के सर्वे में सामने आया है कि कुल 1,461 क्लासरूम्स में से 588 के तत्काल पुनर्निर्माण और 873 क्लासरूम्स की तुरंत मरम्मत करने की जरूरत है।

सर्वेक्षण में 307 शौचालयों की स्थिति भी खराब पाई गई। स्कूल भवनों की जर्जर हालत और बुनियादी सुविधाओं की कमी के चलते विद्यार्थियों को सुरक्षित और स्वस्थ वातावरण में शिक्षा मिलने पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

नागपुर जिला परिषद के 1,509 स्कूलों का सर्व

नागपुर जिला परिषद के अधीन 1,509 स्कूल हैं। इन स्कूलों की कुल 5,171 क्लासरूम्स का सर्वेक्षण किया गया। इनमें से 3,710 कक्षाएं अच्छी स्थिति में पाई गई। वहीं 873 कक्षाओं में बड़े पैमाने पर मरम्मत और 588 कक्षाओं में तत्काल उपाय करने की जरूरत सामने आई।

कहीं छत से पानी टपकता है तो कहीं दीवारों में सीलन व दरारे तक पायी गई। इनमें सुधार के लिए तत्काल पर्याप्त निधि की भी जरूरत है। विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, 100 से अधिक विद्यार्थियों की संख्या वाले 128 स्कूलों की 350 क्लासरूम्स की मरम्मत का काम फिलहाल प्रगतिपथ पर है।

अधिक विद्यार्थियों वाले स्कूलों को प्राथमिकता देकर ये काम किए जा रहे हैं। इसके अलावा अत्यधिक आवश्यकता वाले 166 स्कूलों में मरम्मत कार्य वित्त वर्ष 2026-27 में करने की योजना है। शेष काम वित्त वर्ष 2027-28 और 2028-29 में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

मिशन संजीवनी' से 200 स्कूलों का कायाकल्प

नागपुर जिला परिषद के सीईओ विनायक महामुनि ने 'मिशन संजीवनी' के तहत जिले के 200 स्कूलों का कायाकल्प करने का निर्णय लिया है। इस पहल के अंतर्गत स्कूलों में आवश्यक मरम्मत, रंगरोगन और बुनियादी सुविधाओं में सुधार किया जाएगा। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को सुरक्षित, स्वच्छ और आकर्षक शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना है।

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