

Nashik School Building Tender Delay: नासिक ज़िले के बागलाण तहसील के सरवर (तिलवण) स्थित जिला परिषद प्राथमिक स्कूल का भवन जर्जर हालत में है। दो नए कक्षा-कमरों के लिए 21 लाख रुपए मंजूर होने के बावजूद ई-निविदा प्रक्रिया अटकने से निर्माण शुरू नहीं हो सका है। अभिभावकों ने जल्द काम शुरू नहीं होने पर स्कूल बंद करने की चेतावनी दी है।
नासिक ज़िले के सटाणा, बागलाण तहसील के सरवर (तिलवण) स्थित जिला परिषद प्राथमिक स्कूल का भवन लंबे समय से जर्जर हालत में है। दीवारों में बड़ी-बड़ी दरारें हैं, छत के पत्रे टूट चुके हैं और बारिश के दौरान कक्षाओं में पानी टपकता है। ऐसे भवन में विद्यार्थी पढ़ाई करने को मजबूर हैं।
स्कूल में दो नए कक्षा-कमरों के निर्माण के लिए 21 लाख रुपए की राशि मंजूर की गई थी। इसकी प्रशासनिक मंजूरी 28 मार्च 2025 को मिल चुकी है। इसके बावजूद ई-निविदा प्रक्रिया में अड़चन के कारण अब तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है।
स्कूल के प्रधानाध्यापक की ओर से हर वर्ष भवन की मरम्मत अथवा नए निर्माण के लिए वरिष्ठ कार्यालय को प्रस्ताव भेजा जाता था। इसी प्रक्रिया के तहत जिला वार्षिक योजना समिति के कोष से दो कक्षा-कमरों के निर्माण के लिए 21 लाख रुपए मंजूर किए गए।
निर्माण के लिए ई-निविदाएं आमंत्रित की गईं, लेकिन प्रतिस्पर्धा से जुड़ी प्रक्रिया के कारण पहली निविदा रद्द करनी पड़ी। बताया गया कि कुछ ठेकेदारों ने स्वीकृत राशि से कम दर पर निविदा भरने के बाद काम घाटे का होने की बात कहते हुए पीछे हटने की जानकारी दी। इसके चलते अब दोबारा निविदा प्रक्रिया शुरू करने की स्थिति बनी है।
स्कूल की इमारत की दीवारों में जगह-जगह दरारें हैं। छत के पत्रे टूटने के कारण बारिश के दौरान पानी कक्षाओं में टपकता है और दीवारों में सीलन बनी रहती है। दरवाजे और खिड़कियां भी क्षतिग्रस्त हैं।
अभिभावकों के अनुसार, टूटे दरवाजे-खिड़कियों के कारण जहरीले जीव-जंतु और पक्षियों के स्कूल भवन में प्रवेश का खतरा भी बना रहता है। इससे विद्यार्थियों और शिक्षकों के बीच लगातार असुरक्षा का माहौल है।
यह स्कूल कंधाणे समूह साधन केंद्र के अंतर्गत आता है और पेसा क्षेत्र में स्थित है। यहां मुख्य रूप से आदिवासी और मजदूर वर्ग के बच्चे शिक्षा ग्रहण करते हैं।
अभिभावकों और ग्रामीणों ने प्रशासन से दोबारा निविदा प्रक्रिया तत्काल पूरी कर कार्यादेश जारी करने और निर्माण शुरू करने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि कक्षा-कमरों का निर्माण जल्द शुरू नहीं किया गया तो स्कूल पर ताला जड़ने का कदम उठाया जाएगा।
अभिभावक अमृता बोरसे ने कहा कि जर्जर इमारत के कारण कभी भी अनहोनी हो सकती है। वहीं, तिलवण के पूर्व उपसरपंच योगराज पाटील ने कहा कि मंजूरी के बावजूद 21 लाख रुपए का फंड अब तक कागजों तक सीमित है और प्रशासनिक देरी के कारण राशि वापस लौटने की आशंका है। ग्रामीणों ने बिना विलंब निविदा प्रक्रिया पूरी करने की मांग की है।