

Highlights
नागपुर जिले को नई S-3 प्रकार की ईवीएम मशीनें मिलीं।
जिले के लिए 3,000 कंट्रोल यूनिट, 1,000 बैलेट यूनिट और 1,000 एसएमएम प्राप्त हुए।
ईवीएम प्रबंधन के लिए ईएमएस सॉफ्टवेयर प्रणाली पर प्रशिक्षण दिया गया।
इंजीनियरों ने मशीनों के संचालन का प्रात्यक्षिक प्रस्तुत किया।
प्रशिक्षण के दौरान ईवीएम गोदाम का भी निरीक्षण किया गया।
Nagpur S-3 EVM Machines Software Training: नागपुर जिले में आगामी स्थानीय निकाय चुनावों के लिए अब राज्य चुनाव आयोग ने नई 'एस-3' प्रकार की मशीनें उपलब्ध कराई हैं। इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों की कार्यप्रणाली और उनके प्रबंधन के लिए विकसित 'ईएमएस' सॉफ्टवेयर सिस्टम के संबंध में नियोजन भवन में जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम भी आयोजित किया गया।
राज्य चुनाव आयोग ने ईसीआईएल कंपनी से नई 'एस-3' प्रकार की ये मशीनें उपलब्ध कराई हैं। कंपनी ने इन मशीनों के प्रबंधन, पंजीकरण और संबंधित कार्यों को सुगम बनाने के लिए 'ईएमएस' सॉफ्टवेयर प्रणाली विकसित की है।
नागपुर जिले के लिए 3,000 कंट्रोल यूनिट (सीयू), 1,000 बैलेट यूनिट (बीयू) और 1,000 एसएमएम प्राप्त हुए हैं। आयोग के अवर सचिव शैलेंद्र वराडे, कक्ष अधिकारी समीर राणे और ईवीएम समन्वयक गौरव बडोदेकर ने प्रशिक्षण कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को इस मशीन के उपयोग के संदर्भ में मार्गदर्शन किया।
इस दौरान ईवीएम रखे जाने वाले गोदाम का निरीक्षण भी किया गया, प्रशिक्षण के दौरान नई मतदान मशीनों की कार्यप्रणाली, ईएमएस प्रणाली के उपयोग और चुनाव से संबंधित आवश्यक तकनीकी प्रक्रियाओं की जानकारी दी गई।
इंजीनियरों ने प्रात्यक्षिक के माध्यम से मशीनों के संचालन और सॉफ्टवेयर के उपयोग की विस्तृत जानकारी दी। वराडे ने उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों की शंकाओं का समाधान भी किया प्रशिक्षण में मशीनों की तकनीकी बारीकियों, प्रबंधन और प्रत्यक्ष संचालन पर विशेष जोर दिया। ताकि आगामी चुनावों के लिए अधिकारियों एवं कर्मचारियों को नई मशीनों और सॉफ्टवेयर प्रणाली के प्रभावी उपयोग के लिए तैयार किया जा सके।
जिलाधिकारी तथा जिला चुनाव अधिकारी कुमार आशीर्वाद के निर्देशानुसार प्रशिक्षण के आयोजन के लिए डॉ. रचना इंदुरकर और तहसीलदार श्रद्धा बागराव को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया था। समन्वय की जिम्मेदारी नायब तहसीलदार विनोद थोरवे और चंद्रकांत पाडोले ने संभाली।