Nagpur Tiger Population: नागपुर जिले के के जंगलों की जैव-विविधता और वन्यजीव संरक्षण के प्रयासों को एक बड़ी सफलता मिली है, नागपुर प्रादेशिक वन विभाग के इतिहास में पहली बार की गई आधिकारिक बाघ गणना के प्राथमिक आंकड़े सामने सामने आएं हैं जो चौकाने वाले हैं। आंकड़ों से आरंभिक आकलन यह लगाया गया है कि जिले के जंगलों में टाइगर की संख्या लगभग दोगुनी हो चुकी है।
पहले यह अनुमान था कि नागपुर के जंगलों में 18 के आसपास टाइगर हो सकते हैं। इस बार तकनीक की सहायता से जंगलों में गणना की गई और यह संकेत मिले हैं कि इन जंगलों में 42 से 45 टाइगर हो सकते हैं। वन विभाग अभी भी इन डेटा का सटीक अध्ययन कर रहा है लेकिन अधिकारियों की माने तो यह संख्या कहीं अधिक बढ़ सकती है लेकिन 45 से कम नहीं हो सकती।
राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) द्वारा वर्ष 2026 में देशव्यापी स्तर पर किए गए बाघों की गणना के तहत नागपुर प्रादेशिक वनों का सर्वेक्षण किया गया। गौरतलब है कि वर्ष 2022 की पिछली राष्ट्रीय व्याघ्र गणना में नागपुर प्रादेशिक वन विभाग को शामिल नहीं किया गया था जिसके चलते इस वर्ष की गणना अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही थी।
प्राथमिक रिपोट के विश् लेाण से पता चलता है कि नागपुर प्रादेशिक वन विभाग के अंतर्गत आने वाले रामटेक, पारशिवनी, पवनी तथा दक्षिण
और उत्तर उमरेड वन क्षेत्रों में बाघों का घनत्व सबसे अधिक है।
सूत्रों के अनुसार अब तक इन क्षेत्रों में मात्र 18 बाघ होने का अनुमान लगाया जाता था लेकिन वैज्ञानिक तरीके से हुई इस पहली आधिकारिक गणना ने इस आंकड़े को दोगुना से भी अधिक साबित कर दिया है।