Nagpur Vidarbha Development: नागपुर विदर्भ क्षेत्र के सर्वांगीण विकास और जल सुरक्षा को मजबूत करने के लिए महाराष्ट्र सरकार एक्शन मोड में आ गई है। राज्य जल संसाधन विभाग के प्रधान सचिव एकनाथ डवले ने विदर्भ की सबसे महत्वाकांक्षी वैनगंगा-नलगंगा नदी जोड़ परियोजना का तूफानी दौरा किया। इस 3 दिवसीय दौरे के दौरान उन्होंने निम्न वर्धा, आर्वी लिफ्ट सिंचाई योजना और जिगांव परियोजना के निर्माण स्थलों पर जाकर जमीनी प्रगति का जायजा लिया और काम में तेजी लाने के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।
प्रधान सचिव डवले ने गोसीखुर्द परियोजना से लेकर नलगंगा परियोजना तक प्रस्तावित मार्ग (अलाइनमेंट) पर विभिन्न इंजीनियरिंग संरचनाओं का गहन निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने इनटेक स्ट्रक्चर, कनाल ब्रिज (नहर पुल), एक्वाडक्ट (जलसेतु), साइफन और एस्केप का निरीक्षण किया। टनल और रास्ते में आने वाले स्टोरेज टैंकों (मार्गस्थ साठवण तालाब) की तकनीकी बारीकियों को समझा। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि परियोजना के सुचारु क्रियान्वयन के लिए जो भी तकनीकी सुधार आवश्यक हैं, उन्हें तुरंत अमल में लाया जाए।
परियोजना को बिना किसी रुकावट के समय पर पूरा करने के लिए प्रधान सचिव ने प्रशासनिक मोर्चे पर भी गति बढ़ाने के निर्देश दिए। परियोजना के रास्ते में आने वाले सभी संबंधित जिलाधिकारियों को भूमि अधिग्रहण और अन्य प्रशासनिक प्रक्रियाओं को तेज करने के लिए कहा गया है। वन भूमि की मंजूरी से जुड़े मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने के लिए वन विभाग और जल संसाधन विभाग के बीच प्रभावी समन्वय स्थापित करने पर जोर दिया गया।
दौरे के आखिरी दिन 30 मई को डवले ने बुलढाना जिले की जिगांव बांध परियोजना और लिफ्ट सिंचाई योजना संख्या 7 (मनसगांव) के कार्यों का प्रत्यक्ष निरीक्षण किया, उन्होंने जिगांव परियोजना के पहले चरण में जल भंडारण (वाटर स्टोरेज) क्षमता निर्माण से जुड़े सभी कार्यों को तत्काल पूरा करने के निर्देश दिए।
इसके साथ ही 11,350 हेक्टेयर क्षेत्र में 'प्रेशराइज्ड अंडरग्राउंड पाइपलाइन डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम' (दवावयुक्त नलिका वितरण प्रणाली) के माध्यम से सीधे किसानों के खेतों (बांघों) तक सिंचाई की सुविधा पहुंचाने के लिए बचे हुए कार्यों को युद्ध स्तर पर पूरा करने का आदेश दिया। उन्होंने विश्वास जताया कि किसानों को समय पर और सुनिश्चित पानी मिलने से कृषि उत्पादन बढ़ेगा।
इस क्षेत्रीय दौरे और बैठक के दौरान विदर्भ सिंचाई विकास महामंडल नागपुर के कार्यकारी संचालक राजेश सोनटक्के, अमरावती के मुख्य अभियंता जगत टाले, बुलढाना के कलेक्टर डॉ. प्रवीणकुमार देवरे, अपर कलेक्टर खांदे, श्रीराम हजारे, बापूसाहेब गाडे, अनुराग सावरकर, खैरनार सहित विभिन्न विभागों के कार्यकारी अभियंता और भूमि अधिग्रहण अधिकारी उपस्थित थे।
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वैनगंगा-नलगगा नदी जोड परियोजना विदर्भ के दीर्घकालिक जल प्रबंधन की रीढ़ (बैकबोन) साबित होगी, सिंचाई क्षमता बढ़ाने, पीने के पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बदलने में इसकी भूमिका ऐतिहासिक होगी।।
- एकनाथ डवले, प्रधान सचिव (जल संसाधन विभाग)