प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स: AI) 
नागपुर

Vidarbha में भीषण गर्मी का 11 साल का रिकॉर्ड: चंद्रपुर @44.2°C के साथ सबसे गर्म, जानें आपके शहर का हाल

Vidarbha Heatwave Records: विदर्भ में पिछले 11 वर्षों (2016-2026) के दौरान तापमान में भारी उतार-चढ़ाव देखा गया है। चंद्रपुर और अकोला में गर्मी ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। यहां देखें पूरी लिस्ट।

आकाश मसने

Vidarbha Records Highest Temperature In 11 Years: मार्च का महीना खत्म होते-होते विदर्भ की धरती तपने लगी थी। हालांकि पिछले दो दिन से बारिश के आसार दिख रहे हैं। नागपुर समेत विदर्भ के सभी जिलों में पिछले 11 वर्षों यानी 2016 से 2026 में मार्च महीने का तापमान लगातार उतार-चढ़ाव दिखाता रहा है। इस दौरान कुछ जिलों में तापमान 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जबकि 2026 में भी अधिकांश जिलों में 40 डिग्री से ऊपर तापमान दर्ज किया गया, जिससे गर्मी का प्रभाव लगातार बना हुआ है।

आंकड़ों के अनुसार, चंद्रपुर में 2022 में 44.2 डिग्री का दशक का उच्चतम तापमान दर्ज हुआ। अकोला में 2017 में 44.1 डिग्री तापमान नापा गया। वर्धा, यवतमाल और अमरावती में भी अधिकांश वर्षों में तापमान 41 से 43 डिग्री के बीच रहा। विशेष रूप से, 2020 का वर्ष अधिकांश जिलों के लिए अपेक्षाकृत ठंडा रहा। गड़चिरोली में 2020 में 35.8 डिग्री और बुलढाना में 35.6 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। इसके बाद फिर से तापमान बढ़ने का रुझान देखने को मिला।

Vidarbha के पिछले 11 वर्षों में सबसे अधिक गर्मी वाले जिले

पिछले 11 वर्षों के तापमान रिकॉर्ड के अनुसार, चंद्रपुर जिले ने सबसे अधिक बार उच्च तापमान दर्ज किया है। अकोला और वर्धा ने भी कुछ वर्षों में उच्च तापमान के रिकॉर्ड बनाए। नागपुर और अन्य जिलों में भी तापमान बढ़ा, लेकिन चंद्रपुर में गर्मी का प्रभाव लगातार अधिक रहा।

इस साल का तापमान

जिला तापमान (°C)
चंद्रपुर 42.3
अकोला 42.3
नागपुर 41.9
वर्धा 41.9
अमरावती 41.4
यवतमाल 41.2
गोंदिया 40.2
वाशीम 40.2
भंडारा 40.0
बुलढाणा 38.8

पिछले 11 वर्षों के उच्चतम तापमान

वर्ष विवरण
2022 चंद्रपुर: 44.2°C
2017 अकोला: 44.1°C
2020 अधिकांश जिलों में सबसे ठंडा वर्ष
2026 अधिकांश जिलों में 40°C से ऊपर तापमान

बढ़ते शहर और घटती हरियाली है कारण

पर्यावरण विशेषज्ञ प्रो. सुरेश चोपणे ने बताया कि पिछले 11 वर्षों के रिकॉर्ड से संकेत मिलता है कि विदर्भ में गर्मियों की तीव्रता लगातार बढ़ रही है। इसके मुख्य कारण हैं- तेजी से बढ़ता शहरीकरण, सीमेंट और कंक्रीट का अधिक उपयोग, जंगल और हरित क्षेत्र की कमी और जलवायु में तेजी से बदलाव तापमान को नियंत्रित करने के लिए नदियों, नालों और तालाबों का संरक्षण करना जरूरी है।

- नवभारत लाइव के लिए नागपुर से अतुल मेहरे की रिपोर्ट

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