Baramati By Election: सुनेत्रा पवार की बढ़ती जा रही मुश्किलें! 30 उम्मीदवारों ने खरीदे नामांकन

Baramati By Election Nomination: बारामती उपचुनाव के लिए सियासी हलचल तेज है। सुनेत्रा पवार 6 अप्रैल को नामांकन भरेंगी। वहीं ओबीसी नेता लक्ष्मण हाके ने चुनाव को निर्विरोध न होने देने का ऐलान किया है।
Sunetra Pawar Baramati By-Election Challenges
सुनेत्रा पवार (सोर्स: सोशल मीडिया)
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 Sunetra Pawar Baramati By Election Challenges: महाराष्ट्र की सबसे हॉट सीट मानी जाने वाली बारामती में दिवंगत अजित पवार के निधन के बाद अब उपचुनाव की रणभेरी बज चुकी है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) और महायुति की ओर से सुनेत्रा पवार को मैदान में उतारा गया है। ताजा जानकारी के अनुसार, सुनेत्रा पवार आगामी 6 अप्रैल को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की उपस्थिति में अपना शक्ति प्रदर्शन करते हुए नामांकन पत्र दाखिल करेंगी।

NCP कार्यकर्ताओं में जोश

चुनाव की घोषणा के साथ ही बारामती शहर और तालुका में NCP ने जनसंवाद सभाओं का दौर शुरू कर दिया है। कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह देखा जा रहा है। पार्टी का लक्ष्य न केवल जीत हासिल करना है, बल्कि कार्यकर्ताओं ने यह संकल्प लिया है कि सुनेत्रा पवार को दिवंगत अजित पवार से भी अधिक मतों के अंतर से विजयी बनाया जाए। इसके लिए गांव-गांव जाकर मतदाताओं से सीधा संपर्क साधा जा रहा है।

30 दावेदार ने खरीदे नामांकन

एक तरफ जहां महायुति इस चुनाव को निर्विरोध संपन्न कराने की कोशिश में जुटी है, वहीं दूसरी ओर राजनीतिक समीकरण उलझते नजर आ रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक, अब तक 30 संभावित उम्मीदवारों ने चुनावी आवेदन पत्र खरीदे हैं। हालांकि, इनमें से कितने वास्तव में पर्चा भरते हैं और कितने नामांकन वापस लेते हैं, यह 9 अप्रैल तक साफ होगा। अब तक तीन बाहरी उम्मीदवारों सतीश कदम (हिंदुस्तान जनता पार्टी), सागर भिसे (निर्दलीय) और राजू घुटुकडे (न्यू राष्ट्रीय समाज पार्टी) ने अपना पर्चा दाखिल कर दिया है।

चुनाव कार्यक्रम पर एक नजर

  • नामांकन की अंतिम तिथि: 6 अप्रैल 2026
  • नामांकन वापसी: 9 अप्रैल 2026
  • मतदान की तारीख: 23 अप्रैल 2026

Baramati By Election में लक्ष्मण हाके की सीधी चुनौती

ओबीसी नेता लक्ष्मण हाके ने बारामती की राजनीति में नया मोड़ ला दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि वे इस चुनाव को निर्विरोध नहीं होने देंगे। हाके ने पवार परिवार पर निशाना साधते हुए कहा कि ओबीसी आरक्षण के मुद्दे पर बड़े नेता मौन हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि सहानुभूति के पीछे छिपकर चुनाव क्यों लड़ रहे हैं? हम दो दिनों में तय करेंगे कि सुनेत्रा पवार के खिलाफ कौन चुनाव लड़ेगा। उन्होंने 'महाज्योती' के साथ हो रहे भेदभाव और सत्ता के एक ही परिवार में केंद्रीकरण पर भी सवाल उठाए।

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