Nagpur Vidarbha Monsoon Deficit: अगस्त महीने में मानसून की लंबी खामोशी के कारण जुलाई में हुई अच्छी बारिश का फायदा अब कम होने लगा है। 12 अगस्त तक नागपुर का संचयी वर्षा घाटा जुलाई के अंत में 7 प्रतिशत से बढ़कर तेजी से 21% हो गया है।
1 जून से 12 अगस्त तक के बारिश के आंकड़ों के अनुसार पूरे विदर्भ में संचयी घाटा बढ़कर 13% हो गया है, जबकि जुलाई के अंत में यह मात्र 1 प्रतिशत था। इस अवधि के दौरान पूरे क्षेत्र में सामान्य 611.8 मिमी की तुलना में 532.1 मिमी बारिश दर्ज की गई है।
जुलाई के अंत में स्थिति इसके विपरीत थी। कमजोर शुरुआत के बाद जुलाई महीने में मानसून ने जबरदस्त वापसी की थी। जुलाई के आखिरी दिनों में (31 जुलाई) विदर्भ के ऊपर से एक गहरे डिप्रेशन के गुजरने के कारण क्षेत्र में मूसलाधार बारिश हुई थी।
प्रादेशिक मौसम केंद्र की जुलाई रिपोर्ट के अनुसार कई जगहों पर भारी से बहुत भारी और कुछ अलग-थलग जगहों पर अत्यधिक भारी बारिश दर्ज की गई थी। अकेले 31 जुलाई को यवतमाल में 222.7 मिमी और 30 जुलाई को बल्लारपुर में 178.3 मिमी बारिश हुई थी।
आने वाले दिनों में स्थिति में सुधार हो सकता है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के नवीनतम क्षेत्रीय पूर्वानुमान के अनुसार 16 अगस्त तक पूर्वी और पश्चिमी विदर्भ में कई जगह व्यापक बारिश होने की संभावना है, आईएमडी ने संकेत दिया है कि अगस्त और सितंबर के दौरान विदर्भ में सामान्य से अधिक बारिश होने की संभावना है।
नागपुर : सामान्य 610.6 मिमी के मुकाबले 483 मिमी बारिश दर्ज, जिससे 21% का घाटा हुआ है।
अमरावती : 26% घाटा
चंद्रपुर : 22% घाटा
अकोला : 20% घाटा
गडचिरोली : 18% घाटा
वाशिम : 16% घाटा
वर्धा : 13% घाटा
यवतमाल: लगभग सामान्य
बुलढाना और गोंदिया : भी 10-10% का सरप्लस बना हुआ है। दोनों जिलों में अभी