

Prime Minister Narendra Modi Special Turban: देश आज अपना 80वां स्वतंत्रता (Independenc Day 2026) दिवस मना रहा है। इस मौके पर देशभर में अलग-अलग कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं। वहीं, दिल्ली के लाल किले (Delhi Red Fort) पर होने वाले राष्ट्रीय ध्वजारोहण कार्यक्रम में हर बार की तरह इस बार भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) की खास झलक देखने को मिली। इस बार वह राजस्थानी 'बंधेज' (Bandhej Turban) पगड़ी पहने हुए नजर आए। स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री द्वारा पहनी जाने वाली हर पगड़ी में कुछ में कुछ न कुछ संदेश छिपा हुआ होता है।
इस बार की बंधेज पगड़ी ने देशवासियों का ध्यान अपनी ओर खिंचा है। पीएम मोदी ने लाल कलर में बेहद आकर्षक राजस्थानी 'बंधेज' पगड़ी पहनी थी, जो स्वतंत्रता दिवस समारोह का मुख्य आकर्षण रही। इस पगड़ी के जरिए पीएम मोदी ने 'वोकल फॉर लोकल' का संदेश दिया।
प्रधानमंत्री ने जो बंधेज पगड़ी पहनी थी, वह पारंपरिक 'टाई एंड डाई' हस्तकला है। इस पगड़ी की बनाने की प्रक्रिया अन्य पगड़ियों से काफी अलग है। इसे कपड़े को धागों से बांधकर और रंगकर तैयार किया जाता है। बंधेज पगड़ी को विशेष रूप से गुजरात और राजस्थान में सम्मान, गौरव और उत्सव का प्रतीक के तौर पर देखा जाता है। यह कारण है कि बंधेग पगड़ी सिर्फ परिधान नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति का अहम हिस्सा मानी जाती है। यह देश के पारंपरिक कारीगरों की कड़ी मेहनत का एक बड़ा प्रतीक भी है। प्रधानमंत्री मोदी ने इस बंधेज पगड़ी को पहनकर लाल किले की प्राचीर से 'लोकल फोर वोकल' का संदेश दिया है।
प्रधानमंत्री की 'बंधेज' पगड़ी गहरे और लाल रंग से तैयार गई थी, जिस पर सफेद रंग के छोटे-छोटे बिंदुओं की प्रिंट थी।
यह पगड़ी बंधेज कला की मुख्य पहचान मानी जाती है।
राजस्थान और गुजरात में 'बंधेज' को बेहद शुभ, उत्सव और सम्मान का प्रतीक माना जाता है। जिसे शादी समारोह और बड़े आयोजनों पर पहना जाता है।
प्रधानमंत्री मोदी की पगड़ी में इसमें गहरे लाल रंग के आधार पर सफेद बिंदू बने हैं, लाल रंग को शुभ, शक्ति, उत्साह और उत्सव का प्रतीक माना जाता है।
पीएम मोदी ने बंधेज पगड़ी के जरिए स्थानीय बुनकरों और कारीगरों की कला को प्रमोट किया है।
भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री मोदी सफेद कुर्ता और पायजामा के साथ खाकी रंग की जैकेट पहने हुए थे। वहीं, उनके माथे पर बंधेज पगड़ी काफी आकर्शित नजर आ रही थी। पारंपरिक परिधान के जरिए पीएम देश को एक खास संदेश देना चाहते थे। इस बार वे भारतीय हैंडक्राफ्ट और बुनकरों कोलेकर पीएम मोदी ने अपने पहनावे से खास संदेश दिया।