Maharashtra MSRDC Vidarbha Expressway Tenders: महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र में सड़क कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में कई बड़ी परियोजनाएं आगे बढ़ रही हैं।
महाराष्ट्र स्टेट रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (MSRDC) की ओर से नागपुर-गोंदिया, भंडारा-गढ़चिरौली और नागपुर-चंद्रपुर एक्सप्रेसवे के लिए अगले दो सप्ताह में नए टेंडर जारी किए जाने की जानकारी सामने आई है। इसके अलावा नवेगांव मोरे-सुरजागढ़ ग्रीनफील्ड हाईवे भी क्षेत्र के लिए अहम परियोजना है।
इन एक्सप्रेसवे परियोजनाओं के लिए जमीन अधिग्रहण की दिशा में भी प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। महाराष्ट्र कैबिनेट पहले ही भूमि अधिग्रहण के लिए HUDCO से ऋण लेने को मंजूरी दे चुकी है।
प्रस्तावित एक्सप्रेसवे मुंबई-नागपुर समृद्धि एक्सप्रेसवे के विस्तार के तौर पर विदर्भ की कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
नागपुर-गोंदिया एक्सप्रेसवे की लंबाई करीब 162 किलोमीटर प्रस्तावित है। इस परियोजना पर लगभग 3,162 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। इसके निर्माण से नागपुर और गोंदिया के बीच यात्रा का समय करीब तीन घंटे से घटकर लगभग 75 मिनट होने की उम्मीद है। परियोजना नागपुर, भंडारा और गोंदिया जिलों के 10 तालुकाओं तथा 115 गांवों से होकर गुजरेगी।
इस मार्ग पर 26 फ्लाईओवर, 8 अंडरपास, 15 बड़े पुल, 63 छोटे पुल और 71 नहर क्रॉसिंग प्रस्तावित हैं। परियोजना पूरी होने के बाद दोनों शहरों के बीच सड़क संपर्क अधिक तेज और सुगम हो सकेगा।
भंडारा-गढ़चिरौली एक्सप्रेसवे की लंबाई करीब 94 किलोमीटर होगी। इसके निर्माण पर लगभग 931.15 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। यह फोर-लेन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे भंडारा, लाखांदूर, ब्रह्मपुरी, आरमोरी और गढ़चिरौली जैसे क्षेत्रों को जोड़ेगा।
परियोजना के पूरा होने के बाद भंडारा से गढ़चिरौली की यात्रा करीब दो घंटे में पूरी होने की उम्मीद है। इससे दूरी लगभग 23 किलोमीटर कम होने और यात्रा समय में करीब 75 मिनट की कमी आने का अनुमान है।
नवेगांव मोरे-सुरजागढ़ ग्रीनफील्ड हाईवे भी विदर्भ के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यह क्षेत्र के प्रस्तावित स्टील प्लांट और खनन गतिविधियों के लिए बेहतर परिवहन संपर्क उपलब्ध कराने में मदद कर सकता है।