Nagpur VHA Hockey Ground Court Stay: नागपुर शहर के सिविल लाइंस स्थित विदर्भ हॉकी एसोसिएशन (वीएचए) के ऐतिहासिक हॉकी मैदान को लेकर चल रहे विवाद में एसोसिएशन को बड़ी कानूनी राहत मिली है। बॉम्बे हाई कोर्ट की नागपुर खंडपीठ ने जिला प्रशासन द्वारा 13 अगस्त को प्रस्तावित मैदान कब्जे की कार्रवाई पर फिलहाल रोक लगा दी है।
इसके साथ ही प्रशासन की ओर से मैदान को अपने अधीन लेने की प्रक्रिया टल गई है। मामले में वीएचए ने रिट पिटीशन क्रमांक 6241/2026 के माध्यम से हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।
न्यायमूर्ति नंदेश देशपांडे की पीठ ने याचिका पर सुनवाई करते हुए प्रशासन की कार्रवाई पर अस्थायी स्थगन प्रदान किया, वीएचए की ओर से अधिवक्ता शांतनु खेडकर और अनुराग मांकर ने पक्ष रखा। जिला प्रशासन ने सिविल लाइंस स्थित वीएचए की करीब 3.80 एकड़ जमीन का कब्जा लेने के लिए 13 अगस्त को सुबह 11 बजे की तारीख तय की थी।
नायब तहसीलदार (नजूल) कार्यालय की ओर से वीएचए सचिव के नाम नोटिस जारी कर मैदान का कब्जा सौंपने के निर्देश दिए गए थे। इसके खिलाफ एसोसिएशन ने पहले विभागीय आयुक्त के समक्ष राहत की मांग की थी लेकिन वहां से राहत नहीं मिलने के बाद हाई कोर्ट में याचिका दायर की गई।
वीएचए के को-ऑर्डिनेटर कृष्णा जोशी ने बताया कि हाई कोर्ट ने फिलहाल प्रशासन की कार्रवाई पर रोक लगा दी है। यह राहत मामले की आगे की सुनवाई तक जारी रहेगी।
उन्होंने कहा कि एसोसिएशन का पहला उद्देश्य मैदान पर होने वाली कब्जे की कार्रवाई को रोकना था जिसमें फिलहाल सफलता मिली है। आगे की कानूनी प्रक्रिया न्यायालय के निर्देशों के अनुसार चलेगी।
गौरतलब है कि जिला कलेक्टर ने 17 जुलाई को आदेश जारी कर वीएचए की लीज समाप्त करते हुए मैदान का कब्जा शासन के अधीन लेने के निर्देश दिए थे। इसके बाद प्रशासन ने कब्जा लेने की प्रक्रिया शुरू की थी।
वीएचए का कहना है कि प्रशासन लीज अवधि को लेकर जल्दबाजी में कार्रवाई कर रहा है और इस मैदान का ऐतिहासिक महत्व देखते हुए उसे बचाने के लिए एसोसिएशन कानूनी लड़ाई लड़ रहा है। बता दें कि 'नवभारत' ने हॉकी मैदान को यथावत रखने के लिए लगातार खबरों का प्रकाशन कर जिला प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाए थे।