VHA Administrator Hockey Ground: नागपुर विदर्भ हॉकी एसोसिएशन (वीएचए) के सिविल लाइंस स्थित हॉकी मैदान का कब्जा लेने की जिला प्रशासन की कार्रवाई अब एक नए सवाल के घेरे में आ गई है। प्रशासन ने मैदान का कब्जा लेने के लिए वीएचए के सचिव के नाम 5 अगस्त को नोटिस जारी किया है लेकिन मौजूदा स्थिति यह है कि एसोसिएशन में न तो कोई निर्वाचित कार्यकारिणी है और न ही सचिव।
ऐसे में सवाल उठ रहा है कि प्रशासन आखिर किसे वीएचए का सचिव मानकर नोटिस जारी कर रहा है और किससे मैदान का कब्जा लेने की तैयारी है? जानकारी के अनुसार, हाई कोर्ट के आदेश पर चैरिटी कमिश्नर ने 22 अगस्त 2021 को त्रिलोकीनाथ (टीएन) सिधरा को वीएचए का प्रशासक नियुक्त किया था।
इसके बाद से एसोसिएशन की जिम्मेदारी प्रशासक के पास है। वर्तमान में वीएचए की ओर से कृष्णा जोशी को को-ऑर्डिनेटर के रूप में मैदान और अन्य गतिविधियों के लिए सक्रिय देखा जा रहा है। बावजूद इसके प्रशासन के नोटिस में सचिव का उल्लेख किया गया है।
यह मामला इसलिए भी गंभीर है क्योंकि प्रशासन ने 5 अगस्त को जारी नोटिस में 13 अगस्त को सुबह 11 बजे मैदान का प्रत्यक्ष कब्जा लेने की प्रक्रिया तय की है। ऐसे में नोटिस की वैधता और उसे जारी करने से पहले वीएचए की मौजूदा कानूनी स्थिति की जांच किए जाने को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
VHA से जुड़े पूर्व हॉकी खिलाड़ियों का कहना है कि जब एसोसिएशन की जिम्मेदारी प्रशासक के पास है और कोई कार्यकारिणी अस्तित्व में नहीं है तो प्रशासन को अपने रिकॉर्ड और न्यायालय के आदेश की स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए थी।
खासकर तब, जब मैदान जैसी महत्वपूर्ण संपत्ति के कब्जे का मामला हो। मामला अमरावती रोड स्थित मौजा गाडगा, खसरा क्र. 65/5, नगर भूमापन क्र. 277 की करीब 3.80 एकड़ जमीन का है। जिला कलेक्टर ने 17 जुलाई को आदेश जारी कर वीएचए की लीज समाप्त करते हुए तहसीलदार को जमीन का कब्जा लेने के निर्देश दिए थे।
इसके बाद नायब तहसीलदार (नजूल) ने नोटिस जारी किया। इधर, विभागीय आयुक्त के पास से वीएचए का स्थगन आदेश नहीं मिलने के बाद वे हाईकोर्ट की शरण में जाने की तैयारी में हैं।
पूर्व हॉकी खिलाड़ी एवं अंपायर प्रमोद जैन ने प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि सन 2021 से टीएन सिधरा वीएचए के प्रशासक हैं। उनके अनुसार, पहले वीएचए की मान्यता को लेकर विवाद हुआ और न्यायालय ने जिला इकाइयों को हॉकी महाराष्ट्र से जुड़ने के निर्देश दिए थे।
इसके बावजूद वीएचए की ओर से अलग व्यवस्था चलाने की कोशिश होती रही। जैन का कहना है कि जब प्रशासक मौजूद हैं और कोई निर्वाचित कार्यकारिणी नहीं है तो प्रशासन को पहले यह जांचना चाहिए था कि एसोसिएशन की ओर से अधिकृत व्यक्ति कौन है।
उनके मुताबिक सचिव के नाम जारी नोटिस प्रशासन की जल्दबाजी को दर्शाता है। अब मामला हाई कोर्ट पहुंचने की तैयारी के बीच यह सवाल भी महत्वपूर्ण हो गया है कि प्रशासन के रिकॉर्ड में वीएचए का अधिकृत प्रतिनिधि आखिर कौन है? 13 अगस्त की कार्रवाई से पहले यदि न्यायालय से स्थगन मिलता है तो कब्जे की प्रक्रिया रुक सकती है लेकिन नोटिस जारी करने की प्रक्रिया खुद अब एक नए विवाद का विषय बन गई है।
नायब तहसीलदार वीएचए को नोटिस जारी करने वाले नायब तहसीलदार हिंदलाल उके ने कहा कि वीएचए मैदान के कब्जे को लेकर 13 अगस्त की कार्रवाई संबंधी नोटिस उनके कार्यालय से जारी हुआ है। उन्होंने बताया कि उन्हें कार्यालय स्तर पर जो पत्र प्राप्त हुआ उसके आधार पर संबंधित कर्मचारी को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए थे।
हालांकि वीएचए में प्रशासक नियुक्त होने और सचिव के नाम नोटिस जारी किए जाने के विरोधाभास की जानकारी बातचीत के दौरान सामने आने पर उन्होंने कहा कि वे मामले को स्वयं जांचकर इसकी स्थिति स्पष्ट करेंगे। उके ने यह भी कहा कि फिलहाल विभाग अन्य प्रशासनिक कार्यों में व्यस्त है लेकिन मामले की जानकारी लेने के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
-नवभारत लाइव के लिए नागपुर से जयदीप रघुवंशी की रिपोर्ट