वैभव सूर्यवंशी (सोर्स- नवभारत डिजाइन फोटो) 
नागपुर

तैयारी नागपुर में, कुटाई विदेश में... जानिए 15 साल के वैभव सूर्यवंशी की वापसी का पूरा राज

Nagpur Cricket Training: इंग्लैंड दौरे की निराशा के बाद वैभव सूर्यवंशी ने नागपुर के तलेगांव स्थित राजस्थान रॉयल्स क्रिकेट सेंटर में अभ्यास किया। मेहनत का नतीजा दो अर्धशतकों के रूप में आया सामने।

अंकिता पटेल

Vaibhav Suryavanshi Training Nagpur: क्रिकेट में अक्सर कहा जाता है कि बड़े खिलाड़ी अपनी असफलताओं से सबसे ज्यादा सीखते हैं। 15 वर्षीय भारतीय युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने भी कुछ ऐसा ही कर दिखाया। आईपीएल में रिकॉडों की झड़ी लगाने वाले इस विस्फोटक बल्लेबाज के लिए भारतीय टीम में चयन के बाद इंग्लैंड दौरा उम्मीदों के अनुरूप नहीं रहा।

जिस बेखौफ अंदाज से वह बल्लेबाजी के लिए पहचाने जाते हैं, वह वहां दिखाई नहीं दिया, लेकिन इंग्लैंड दौरे के बाद वैभव ने हार नहीं मानी। उन्होंने अपने खेल की बारीकियों पर काम करने के लिए नागपुर-अमरावती रोड स्थित तलेगांव (श्यामजीपंत) में राजस्थान रॉयल्स हाई परफॉर्मेंस क्रिकेट सेंटर को चुना और यही फैसला उनके करियर का टर्निंग प्वाइंट साबित हुआ।

तलेगांव में कई दिनों तक नेट्स पर जमकर अभ्यास करते हुए वैभव ने अपनी तकनीकी कमियों को सुधारा। तेज गेंदबाजी के खिलाफ फुटवर्क, शॉट चयन और लंबी पारी खेलने पर विशेष ध्यान दिया गया। इसका असर जिम्बाब्वे दौरे पर साफ दिखाई दिया।

युवा बल्लेबाज ने पूरी सीरीज में आक्रामक लेकिन जिम्मेदार बल्लेबाजी करते हुए दो शानदार अर्धशतक जड़े और भारतीय बल्लेबाजी की धुरी बन गए। उनके दमदार प्रदर्शन की बदौलत भारत ने सीरीज में शानदार सफलता हासिल की।

रैंकिंग में 230 स्थानों की लगाई छलांग

वैभव को उनके शानदार प्रदर्शन के लिए मैन ऑफ द मैच और पूरी सीरीज में निरंतर रन बनाने के कारण मैन ऑफ द सीरीज चुना गया। इसके साथ ही वह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे कम उम्र में मैन ऑफ द मैच और मैन ऑफ द सीरीज जीतने वाले खिलाडी बन गए।

यह उपलब्धि उनके बढ़ते कद का सबसे बड़ा प्रमाण मानी जा रही है। जिम्बाब्धे सीरीज का असर आईसीसी रैंकिंग पर भी साफ दिखाई दिया। सीरीज शुरू होने से पहले टी-20 अंतरराष्ट्रीय बल्लेबाजों की रैंकिंग में वैभव करीब 250वें स्थान पर थे, लेकिन सीरीज समाप्त होते ही उन्होंने लंबी छलांग लगाकर विश्व रैंकिंग में 48वां स्थान हासिल कर लिया। इतनी कम उम्र में 230 स्थानों की छलांग क्रिकेट जगत में चर्चा का विषय बनी हुई है।

नागपुर बन गया यादगार अध्याय

सीरीज खत्म होने के बाद वैभव एक बार फिर नागपुर लौट आए हैं और तलेगांव स्थित राजस्थान रॉयल्स की हाई परफॉर्मेंस अकादमी में अभ्यास शुरू कर दिया है। क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि यदि उनका यही फॉर्म बरकरार रहा तो आने वाले महीनों में वह विश्व के टॉप-10 टी-20 बल्लेबाजों में भी जगह बना सकते हैं, दिलचस्प बात यह भी है कि नागपुर से वैभव का भावनात्मक रिश्ता लगातार मजबूत होता जा रहा है।

पहली बार तलेगांव आने पर उन्होंने अकादमी परिसर स्थित हनुमान मंदिर में माथा टेककर आशीर्वाद लिया था। वहीं जिम्बाब्वे दौरे से ऐतिहासिक सफलता हासिल कर लौटने के बाद इस बार उन्होंने अपनी बुआ का आशीर्वाद लिया और फिर अभ्यास में जुट गए, यही कारण है कि वैभव सूर्यवंशी की अंतरराष्ट्रीय सफलता की कहानी में नागपुर अब एक यादगार अध्याय बन चुका है।

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