एक ही परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़! नागपुर में दर्दनाक रेल हादसा, ट्रेन की चपेट में आकर दो सगे भाइयों की मौत

Nagpur Train Accident: नागपुर के सावनेर के मालेगांव में ट्रेन की चपेट में आने से दो सगे भाइयों की मौत हो गई। हादसे के बाद परिवार और पूरे इलाके में शोक का माहौल है।
Tragedy strikes a single family! Horrific train accident in Nagpur; two brothers killed after being run over by a train.
सावनेर, मालेगांव, रेल दुर्घटना (सोर्स- नवभारत फाइल फोटो)
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Nagpur Train Accident Brothers: नागपुर जिले में सावनेर के समीप मालेगांव में गुरुवार की सुबह एक ऐसी हृदयविदारक घटना घटी, जिसने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया। रेलगाड़ी की चपेट में आने से दो सगे भाइयों की दर्दनाक मौत हो गई। एक ही परिवार के दो भाइयों के अचानक दुनिया से चले जाने की खबर फैलते ही परिसर में शोक की लहर दौड़ गई।

परिजनों के सामने जैसे दुखों का पहाड़ टूट पड़ा और हर आंखें नम हो गई। मृतकों की पहचान निरंजन लक्ष्मण फिरके (40) एवं उनके छोटे भाई योगेश लक्ष्मण फिरके (37) दोनों मालेगांव निवासी के रूप में हुई है। दोनों भाइयों की असमय मौत से परिवार पर गहरा आघात पहुंचा है।

क्षेत्र में हर कोई इस दर्दनाक हादसे को लेकर स्तब्ध है। जानकारी अनुसार, गुरुवार सुबह करीब 10:15 बजे रेलगाड़ी की चपेट में आने से दोनों भाइयों की मौके पर ही गंभीर हालत हो गई।

घटना की जानकारी सामाजिक कार्यकर्ता हितेश बनसोड़ को अंकित हांडे ने दी। सूचना मिलते ही बनसोड़ ने तत्काल सावनेर पुलिस थाने की पुलिस निरीक्षक ऋतुजा जाधव को घटना से अवगत कराया। जानकारी मिलते ही सावनेर पुलिस का दल घटनास्थल पर पहुंच गया।

हितज्योति टीम का सहयोग

इस बीच, हितज्योति आधार फाउंडेशन की टीम ने स्थानीय नागरिकों की मदद से दोनों भाइयों को घटनास्थल से उठाकर सावनेर के शासकीय अस्पताल पहुंचाया। हालांकि, अस्पताल में चिकित्सा अधिकारियों ने जांच के बाद दोनों को मृत घोषित कर दिया। इसके बाद दोनों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।

एक ही परिवार के दो सदस्यों की एक साथ मौत की खबर से मालेगांव में शोक का माहौल है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं परिचित और स्थानीय नागरिक भी इस दुखद घटना पर गहरा शोक व्यक्त कर रहे हैं।

दोनों भाइयों के असमय निधन ने परिवार के साथ-साथ पूरे परिसर को गमगीन कर दिया है। घटना आखिर किन परिस्थितियों में हुई और दोनों भाई रेलगाड़ी की चपेट में कैसे आए, इसका कारण अभी स्पष्ट नहीं हो सका है। सावनेर पुलिस मामले की जांच कर रही है।

मानवता की मिसाल बनी मददगार टीम

घटना की सूचना मिलते ही हितज्योति आधार फाउंडेशन के हितेश बंसोड़, सदस्य और स्थानीय नागरिक मदद के लिए आगे आए। राहत एवं बचाव कार्य में अंकित हांडे, नरेंद्र समदूरकर, आकाश यादव, अण्णा सिंदेवार, आर्यन कातकड़े सहित स्थानीय ग्रामीणों ने महत्वपूर्ण सहयोग किया।