Traffic Police Service Revolver Mandatory: नागपुर शहर में लगातार बढ़ रही आपराधिक घटनाओं और ड्यूटी के दौरान पुलिस कर्मियों पर होने वाले हमलों को देखते हुए नागपुर पुलिस कमिश्नर विश्वास नांगरे पाटिल ने ट्रैफिक पुलिस की सुरक्षा को लेकर बड़ा निर्णय लिया है। अब शहर के विभिन्न चौक-चौराहों पर नाकाबंदी, विशेष जांच अभियान और यातायात नियंत्रण की जिम्मेदारी निभाने वाले ट्रैफिक पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए ड्यूटी के दौरान सर्विस रिवॉल्वर रखना अनिवार्य कर दिया गया है। इस संबंध में गुरुवार को सीपी ने वायरलेस के माध्यम से आदेश जारी किए है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, शहर में नाकाबंदी और वाहन जांच के दौरान कई बार अपराधी, संदिग्ध व्यक्ति और यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले लोग पुलिस कार्रवाई का विरोध करते हैं। कई मामलों में ट्रैफिक पुलिस कर्मियों के साथ धक्का-मुक्की, मारपीट और जानलेवा हमले की स्थिति भी बन चुकी है। ऐसे मामलों में पुलिस कर्मियों को तत्काल सुरक्षा और आत्मरक्षा के लिए सक्षम बनाने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया गया है।
सीपी विश्वास नांगरे पाटिल का मानना है कि ट्रैफिक पुलिस भी कानून-व्यवस्था बनाए रखने की अग्रिम पंक्ति में कार्य करती है और कई बार उसे ऐसे हालात का सामना करना पड़ता है जहां त्वरित कार्रवाई आवश्यक हो जाती है, इसलिए उन्हें आवश्यक सुरक्षा संसाधनों से लैस करना समय की मांग है।
गाैरतलब है कि 2 दिन पहले ही सीपी विश्वास नांगरे पाटिल ने ट्रैफिक शाखा के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को ड्यूटी के दौरान ‘नीट एंड क्लीन’ रहने के निर्देश दिए थे। उन्होंने साफ-सुथरी वर्दी, अनुशासित व्यवहार और नागरिकों के साथ सौहार्द्रपूर्ण संवाद पर विशेष जोर दिया था। अब सुरक्षा के दृष्टिकोण से सर्विस रिवॉल्वर रखने का आदेश जारी कर उन्होंने ट्रैफिक पुलिस की कार्यशैली में अनुशासन और तत्परता दोनों को प्राथमिकता दी है।
निर्देशानुसार नागपुर शहर के प्रमुख चौराहों, विशेष नाकाबंदी प्वाइंट और संवेदनशील क्षेत्रों में इस आदेश को तत्काल प्रभाव से लागू किया जाएगा। अधिकारियों का मानना है कि इससे न केवल ट्रैफिक पुलिस का मनोबल बढ़ेगा बल्कि आपराधिक तत्वों पर भी प्रभावी अंकुश लगाया जा सकेगा।
इसी बीच यह भी सामने आया है कि 2 दिन पहले सीपी ने शहर के सभी डीसीपी, एसीपी और वरिष्ठ पुलिस निरीक्षकों को भी ड्यूटी के दौरान सर्विस रिवॉल्वर रखने के निर्देश दिए हैं। पिछले कुछ महीनों में पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों पर हमलों की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है।
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पुलिस महकमे में इसे सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को और अधिक मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि बदलते अपराध स्वरूप और बढ़ती चुनौतियों के बीच पुलिस बल को हर परिस्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार रखना आवश्यक है।