Sonegaon Lake Boating News: महाराष्ट्र की उपराजधानी नागपुर का ऐतिहासिक भोसलेकालीन सोनेगांव तालाब इन दिनों नए स्वरूप में नजर आने लगा है। सौंदर्याकरण का काम अभी पूरा भी नहीं हुआ है, लेकिन यह परिसर युवाओं और ‘जेन-जी’ के बीच आकर्षण का केंद्र बन चुका है।
इसके बावजूद परियोजना की धीमी गति और तालाब परिसर में सुरक्षा व्यवस्था की कमी को लेकर नागरिकों में नाराजगी है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि वर्षों से चल रहा सौंदर्याकरण आखिर कब पूरा होगा और अंबाझरी की तर्ज पर सोनेगांव तालाब में बोटिंग कब शुरू होगी?
सोनेगांव तालाब के पुनरुज्जीवन और सौंदर्याकरण पर करीब 18 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। इसका उद्देश्य तालाब को शहर के प्रमुख खूबसूरत और मनोरंजन स्थलों में विकसित करना है, ताकि नागरिक यहां समय बिता सकें। हालांकि परियोजना की धीमी रफ्तार ने इसकी समयसीमा और गुणवत्ता को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
स्थानीय स्तर पर आरोप है कि काम की निगरानी और ठेकेदार की जवाबदेही को लेकर पर्याप्त सख्ती नहीं दिखाई जा रही। नागरिकों का कहना है कि लंबे समय से चल रहे इस प्रोजेक्ट के बावजूद उन्हें अब भी सुविधाओं के लिए इंतजार करना पड़ रहा है।
तालाब परिसर में सुरक्षा व्यवस्था की कमी को लेकर भी चिंता जताई जा रही है। वार्ड 36 की पार्षद माया हाडे ने कहा कि किसी व्यक्ति द्वारा आत्महत्या जैसा कदम उठाने की आशंका को रोकने के लिए सुरक्षा जालियां और सुरक्षा दीवार जरूरी हैं। उन्होंने प्रशासन को तत्काल इस दिशा में काम करने के निर्देश दिए जाने की जानकारी दी। उनके मुताबिक सौंदर्याकरण का काम बेहद धीमी गति से चल रहा है और इसे तत्काल गति देने की जरूरत है।
वहीं, महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के महासचिव हेमंत गडकरी ने तालाब के गहरीकरण और सौंदर्याकरण को लेकर प्रशासनिक देरी और खराब योजना पर सवाल उठाए। उनका कहना है कि कई वर्षों से इस काम के लिए फॉलोअप किया जा रहा है, लेकिन काम अब भी अटका हुआ है। उनके अनुसार मानसून से ठीक पहले गाद निकालने की कोशिश और बोरवेल खोदने जैसे कदम भी अपेक्षित परिणाम नहीं दे सके।
अंबाझरी में बोटिंग शुरू होने के बाद सोनेगांव तालाब को लेकर भी नागरिकों की उम्मीद बढ़ गई है। हालांकि यहां बोटिंग शुरू करने से पहले सुरक्षा व्यवस्था, परियोजना का पूरा होना और जरूरी सुविधाओं का तैयार होना अहम होगा। ऐसे में नागरिकों की नजर अब प्रशासन पर है कि 18 करोड़ रुपये की इस परियोजना को आखिर कब पूरा किया जाता है और सोनेगांव तालाब को बोटिंग समेत प्रस्तावित सुविधाएं कब मिलती हैं।