Nagpur illegal Thai Mangur Farming: नागपुर जिले में प्रतिबंधित थाई मांगुर के अवैध मत्स्यपालन के खिलाफ मत्स्य व्यवसाय विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। सावनेर तहसील के दोहड़घाट क्षेत्र में 21 और 22 अगस्त को चलाए गए दो दिवसीय विशेष अभियान के दौरान विभाग की टीम ने करीब 74 टन जीवित थाई मांगुर मछलियां जब्त कीं। जब्त मछलियों को वैज्ञानिक पद्धति से नष्ट कर दिया गया।
अवैध मत्स्यपालन के मामले में बाडू शेख के खिलाफ पुलिस में एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। विभाग की इस कार्रवाई से क्षेत्र में अवैध रूप से प्रतिबंधित मछली के पालन और कारोबार से जुड़े लोगों में हड़कंप मच गया है।
मत्स्य व्यवसाय विभाग को दोहड़घाट क्षेत्र में प्रतिबंधित थाई मांगुर के अवैध पालन की जानकारी मिली थी। इसके बाद विभाग ने विशेष अभियान चलाकर संबंधित स्थानों पर जांच और कार्रवाई की। अभियान के दौरान बड़ी मात्रा में जीवित मांगुर मछलियां बरामद की गईं।
अधिकारियों के अनुसार, बरामद मछलियों को दोबारा बाजार में पहुंचने से रोकने के लिए वैज्ञानिक तरीके से नष्ट किया गया। विभाग ने अवैध पालन के लिए जिम्मेदार व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी शुरू कर दी है।
प्रादेशिक उपायुक्त सुनील जांभुले ने बताया कि थाई मांगुर मांसाहारी और आक्रामक प्रवृत्ति की मछली है। इसके कारण स्थानीय मछली प्रजातियों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है और प्राकृतिक जलीय पारिस्थितिकी तंत्र का संतुलन बिगड़ने की आशंका रहती है।
उन्होंने बताया कि यह मछली अपेक्षाकृत दूषित पानी में भी पनप सकती है और निम्न गुणवत्ता वाले खाद्य पदार्थों का सेवन कर सकती है। ऐसे में इसके अवैध पालन और बिक्री पर रोक लगाना जरूरी है। विभाग की ओर से इसी उद्देश्य से जिले में लगातार अभियान चलाया जा रहा है।
मत्स्य व्यवसाय सहायक आयुक्त कार्यालय के अनुसार, जिले में पिछले तीन महीनों से प्रतिबंधित मांगुर के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इस दौरान अब तक 150 टन से अधिक मांगुर मछलियों का स्टॉक बरामद कर नष्ट किया जा चुका है।
विभाग का कहना है कि लगातार की जा रही कार्रवाई से नागपुर क्षेत्र में सक्रिय अवैध मांगुर पालन और बिक्री के नेटवर्क पर अंकुश लगाने में मदद मिली है।
यह कार्रवाई प्रादेशिक उपायुक्त सुनील जांभुले के मार्गदर्शन और सहायक आयुक्त शुभम कोमरेवार के नेतृत्व में की गई। अभियान में मत्स्य व्यवसाय विकास अधिकारी प्रशांत वैद्य, सहायक मत्स्य व्यवसाय विकास अधिकारी निखिल नारद, अंकित वैद्य, जितेश केशवे, शिवानंद पाटिल, सतीश क्षीरसागर और अविनाश सदावर्ती ने सक्रिय भूमिका निभाई।
74 टन मछलियों की एक साथ बरामदगी इस बात को दर्शाती है कि प्रतिबंधित प्रजातियों के अवैध पालन को लेकर विभाग अब सख्त रुख अपना रहा है। आने वाले दिनों में भी अवैध मत्स्यपालन और बिक्री के खिलाफ जांच एवं कार्रवाई जारी रहने की उम्मीद है।