बच्चों के खाद्य पदार्थों की शिकायत करना क्या अपराध है? पुणे में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता की गई नौकरी, देखें VIDEO

Anganwadi Worker Food Quality Video: पुणे के आंबेगांव में आंगनवाड़ी केंद्र के अधपके भोजन का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डालना कार्यकर्ता को भारी पड़ गया। प्रशासन ने कार्यकर्ता को नौकरी से निकाल दिया।
Pune Ambegaon Aganwadi Worker Reshma Pardhi Video
पुणे जिले की आंबेगांव तहसील स्थित ठाकरवाड़ी की आंगनवाड़ी कार्यकर्ता रेश्मा पारधीसोर्स: सोशल मीडिया
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Aganwadi Worker Reshma Pardhi Dismissed: महाराष्ट्र के पुणे जिले की आंबेगांव तहसील से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां ठाकरवाड़ी ग्राम पंचायत स्थित नंबरवाड़ी आंगनवाड़ी केंद्र में बच्चों के निवाले के हक की आवाज उठाना एक आंगनवाड़ी कार्यकर्ता को भारी पड़ गया। मासूम बच्चों को परोसे जा रहे भोजन की घटिया गुणवत्ता पर सवाल उठाने वाली कार्यकर्ता रेश्मा शिवाजी पारधी को प्रशासन ने नौकरी से बर्खास्त कर दिया है।

खराब भोजन की पोल खोलना पड़ा भारी

पुणे जिले की आंबेगांव तहसील स्थित ठाकरवाड़ी ग्राम पंचायत के नंबरवाड़ी आंगनवाड़ी केंद्र में बच्चों को दिए जाने वाले भोजन की गुणवत्ता पर आवाज उठाने वाली आंगनवाड़ी कार्यकर्ता रेश्मा शिवाजी पारधी के खिलाफ सेवा समाप्ति की कार्रवाई की गई है।

रेश्मा पारधी ने बच्चों के स्वास्थ्य की चिंता करते हुए भोजन में दिए जाने वाले मटर और दलिए के ठीक से न पकने का मुद्दा उठाया था। उन्होंने इसका एक वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर प्रसारित कर दिया था। प्रशासन ने इसे शासन की छवि धूमिल करने वाला कृत्य मानते हुए उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया।

लिखित स्पष्टीकरण के बावजूद सेवा समाप्त की कार्रवाई

आंगनवाड़ी कार्यकर्ता रेश्मा पारधी ने अपने लिखित स्पष्टीकरण में कहा कि उनका उद्देश्य केवल बच्चों को पौष्टिक और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराना था। हालांकि, प्रशासन ने उनके जवाब को असंतोषजनक करार देते हुए 17 अगस्त से उनकी सेवाएं समाप्त करने की सिफारिश कर दी। इस कार्रवाई के बाद से स्थानीय ग्रामीणों में भारी आक्रोश है।

मानसिक तनाव में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता रेश्मा पारधी

पीड़ित आंगनवाड़ी कार्यकर्ता रेश्मा पारधी द्वारा अत्यधिक मानसिक तनाव में गंभीर कदम उठाने की बात कहे जाने से मामला और अधिक संवेदनशील हो गया है। ग्रामीणों ने मांग की है कि मानदेय पर काम करने वाली कार्यकर्ता को दंडित करने के बजाय प्रशासन को भोजन की गुणवत्ता में सुधार करना चाहिए।

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आंगनवाड़ी कार्यकर्ता पर कार्रवाई गलत

इस पूरे घटनाक्रम पर सामाजिक कार्यकर्ता सिताराम जोशी ने गहरा असंतोष व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य और भोजन के स्तर में सुधार की मांग करने वाली आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के खिलाफ इस तरह की कार्रवाई करना बेहद संतापजनक है।

उन्होंने राज्य सरकार और संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों से मांग की है कि इस सेवा समाप्ति के आदेश पर तुरंत पुनर्विचार किया जाए, कार्रवाई को रोका जाए और आंगनवाड़ी में वितरित किए जा रहे भोजन की गुणवत्ता की निष्पक्ष जांच कराई जाए।

आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के मामले में क्या बोले अधिकारी?

मंचर-घोडेगांव के बाल विकास परियोजना अधिकारी कुलदीप जाधव ने प्रशासनिक कार्रवाई का बचाव करते हुए स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने बताया कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ता रेश्मा पारधी ने विभागीय अधिकारियों को सूचित करने के बजाय सोशल मीडिया का सहारा लिया, जिससे सरकार की छवि खराब हुई। इसी वजह से पुणे जिला परिषद के उप मुख्य कार्यकारी अधिकारी द्वारा उनकी सेवा समाप्त करने की कार्रवाई की गई है।

बाल विकास परियोजना अधिकारी कुलदीप जाधव ने कहा कि यह मामला सीधे तौर पर पुणे जिला परिषद से जुड़ा हुआ है, इसलिए संबंधित कार्यकर्ता को अपना पक्ष वहीं प्रस्तुत करना चाहिए।

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