Nagpur Vidhan Bhavan Expansion: नागपुर महानगरपालिका द्वारा विधान भवन के विस्तार के लिए संविधान चौक स्थित 18 मीटर चौड़े और लगभग 80 मीटर लंबे रास्ते को बंद करने के लिए जारी सार्वजनिक सूचना के खिलाफ आंबेडकरी संगठनों और राजनीतिक दलों में भारी आक्रोश व्याप्त है।
5 अक्टूबर को अखिल भारतीय रिपब्लिकन पार्टी के नेतृत्व में संविधान चौक पर विरोध प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि रास्ते को बंद करने का फैसला तुरंत रद्द किया जाए। आरोप लगाया कि सरकार लोकतंत्र और जन-आंदोलनों की आवाज दबाने के लिए यह षड्यंत्र रच रही है।
संविधान चौक नागपुर शहर की धरोहर और प्रेरणा स्थल है। हर साल 14 अप्रैल और 6 दिसंबर (महापरिनिर्वाण दिवस) पर बाबासाहब आंबेडकर को श्रद्धांजलि देने के लिए यहां लाखों की भीड़ जुटती है जिससे वर्तमान जगह पहले ही कम पड़ती है।
संगठन ने मांग की कि रास्ता बंद करने के बजाय बाबासाहब की प्रतिमा के पीछे की जगह और जर्जर इमारत का अधिग्रहण कर संविधान चौक का ही विस्तार किया जाए, विधान भवन के विस्तार के लिए आसपास कई अन्य सरकारी कार्यालय और स्कूल परिसर उपलब्ध हैं, सरकार को उन विकल्पों पर विचार करना चाहिए।
बसपा के शहराध्यक्ष अनिकेत कुत्तरमारे के नेतृत्व में प्रतिनिधि मंडल ने मनपा आयुक्त के पास अपनी आधिकारिक आपत्ति दर्ज कराई, प्रदेश अध्यक्ष प्रकाश कुंभे और कार्यकारी अध्यक्ष क्षितिज गायकवाड़ ने कहा कि संविधान चौक पूरे विदर्भ के लोकतांत्रिक आंदोलनों का प्रमुख स्थल है। आंदोलन की जगह छीनना लोकतंत्र का गला घोंटने जैसा है।
विभिन्न सामाजिक संगठनों और नागरिक मंचों ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने इस जन-विरोधी फैसले को वापस नहीं लिया, तो आने वाले दिनों में उग्र चरणबद्ध आंदोलन शुरू किया जाएगा।
प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि संविधान चौक नागपुर के नागरिकों की अस्मिता और लोकतांत्रिक अधिकारों का प्रतीक है, इसलिए इसके किसी भी हिस्से को बंद करने या छोटा करने का प्रयास बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।