Nagpur Samruddhi Truck Terminal Project: हिंदू हृदय सम्राट बालासाहब ठाकरे समृद्धि महामार्ग पर अब माल वाहक ट्रकों की आवाजाही को न केवल अधिक सुरक्षित और व्यवस्थित बनाया जाएगा बल्कि ट्रक चालकों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं देने के लिए एक बड़ी परियोजना पर मुहर लग गई है। महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास कॉर्पोरेशन (एमएसआरडीसी) ने समृद्धि एक्सप्रेसवे के दोनों किनारों नागपुर और मुंबई कॉरिडोर के 4 प्रमुख स्थानों पर सर्वसुविधायुक्त 'ट्रक टर्मिनस' स्थापित करने की योजना पर काम शुरू किया है।
इस परियोजना का सबसे बड़ा लाभनागपुर कॉरिडोर और विदर्भ क्षेत्र को मिलेगा जहां अकेले नागपुर बेल्ट की 12।60 हेक्टेयर भूमि पर अत्याधुनिक लॉजिस्टिक्स सेंटर विकसित होगा। इससे मध्य भारत की व्यावसायिक राजधानी नागपुर और संपूर्ण विदर्भ को देश के सबसे आधुनिक लॉजिस्टिक्स कॉरिडोर के रूप में स्थापित करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
इस काम को पूरा करने के लिए एमएसआरडीसी ने पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल पर आधारित डिजाइन, बिल्ड, फाइनेंस, ऑपरेट एंड ट्रांसफर (डीबीएफओटी) ढांचे के तहत अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रस्ताव आमंत्रित किए हैं। इसके तहत 95 करोड़ रुपए के शुरुआती निजी निवेश से तैयार होने वाले इन टर्मिनस को संबंधित ठेकेदार को 60 साल की लीज पर दिया जाएगा।
प्राप्त जानकारी के अनुसार एमएसआरडीसी ने मुंबई और नागपुर दोनों कॉरिडोर पर 4 रणनीतिक स्थान चुने हैं। इसके तहत मुंबई कॉरिडोर (शिवनी- मुंबई साइड) पर 6.54 हेक्टेयर क्षेत्र में ट्रक टर्मिनस विकसित होगा, इसके अलावा मुंबई कॉरिडोर (मरहल) में 5.22 हेक्टेयर क्षेत्र में टर्मिनस विकसित होगा। इसी तरह नागपुर कॉरिडोर (रेणकापुर) में 2.60 हेक्टेयर क्षेत्र में हाईटेक टर्मिनस बनाया जाएगा और नागपुर कॉरिडोर (शिवनी- नागपुर साइड) के 10 हेक्टेयर क्षेत्र में सबसे बड़ा कॉरिडोर बनाया जाएगा।
यह परियोजना 60 वर्षों की लंबी लीज अवधि पर दी जाएगी। हालांकि टर्मिनस में पार्किंग शुल्क से होने वाली कुल कमाई का 40% हिस्सा एमएसआरडीसी के खजाने में जाएगा, जबकि 60 प्रतिशत हिस्सा डेवलपर के पास रहेगा। मिली जानकारी के अनुसार इन चारों ट्रक टर्मिनस को मिलकर करीब 1800 ट्रकों की पार्किंग की क्षमता रहेगी।
अक्सर देखा गया है कि समृद्धि महामार्ग पर लंबी दूरी तय करने वाले ट्रक चालक थकान के कारण सड़क किनारे ही गाड़ियां खड़ी कर देते हैं जिससे रात के समय भीषण हादसों की आशंका बढ़ जारी है। समृद्धि पर इन 4 अत्याधुनिक टर्मिनस के बनने से चालकों को एक ही स्थान पर रेस्ट रूम, भोजन, गाड़ी की मरम्मत और चार्जिंग की सुविधा मिलेगी जिससे एक्सप्रेसवे पर हादसों में भारी कमी आने की उम्मीद की जा रही है।
समृद्धि महामार्ग पर बनने वाले 4 ट्रक टर्मिनस को 2 प्रमुख दिशा मार्गों नागपुर कॉरिडोर (मुंबई से नागपुर आने वाली लेन) और मुंबई कॉरिडोर (नागपुर से मुंबई जाने वाली लेन) में विभाजित किया गया है। महामार्ग पर शिवनी (कारंजा बेल्ट) स्थान दोनों ओर (आमने सामने) स्थित होने के कारण दोनों कॉरिडोर में शामिल है, नागपुर कॉरिडोर पर बनने वाला यह ट्रक टर्मिनस पूरे समृद्धि महामार्ग का सबसे बड़ा टर्मिनस होगा, जबकि ठीक सामने मुंबई कॉरिडोर पर शिवनी में ही दूसरा टर्मिनस विकसित किया जाएगा।
इन दोनों टर्मिनस के अलावा नागपुर कॉरिडोर पर दूसरा टर्मिनस रेणकापुर में स्थापित होगा तथा मुंबई कॉरिडोर पर दूसरा टर्मिनस मरहल में बनेगा। इनकी चारों टर्मिनस का शुरुआती निवेश 95 करोड़ रुपए आका गया है। निश्चित तौर पर इससे विदर्भ क्षेत्र को देश का प्रमुख और सुव्यवस्थित लॉजिस्टिक्स हब बनाने की तैयारी है।
राजस्व में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी रोकने के लिए प्रत्येक टर्मिनस पर ऑटोमेटेड बूम वैरियर, आरएफआईडी स्कैनर और डिजिटल टिकटिंग सिस्टम अनिवार्य किया गया है जिसकी लाइव डेटा रिपोर्टिंग सीधे एमएसआरडीसी के केंद्रीय सर्वर से जुड़ी रहेगी।
लंबे सफर में ट्रक ड्राइवरों की थकान और हादसों को रोकने के लिए इन ट्रक टर्मिनस पर 40 बेड की क्षमता वाला वातानुकूलित विश्राम गृह, स्वच्छ पेयजल, आधुनिक स्नानघर और चौबीसों घंटे चालू रहने वाला फस्र्ट-एड मेडिकल सेंटर भी बनाया जाएगा।
भविष्य के भारी इलेट्रिक वाहनों को ध्यान में रखते हुए 180 केडब्ल्यू से 350 कैडब्ल्यू क्षमता वाले अल्ट्रा फास्ट सीसीएस 2 इलेवट्रिक वाहनों के चार्जर्स पॉइंट लगाए जाएंगे, साथ ही इन ट्रक टर्मिनस पर ट्रक चालकों की सुविधा के लिए पंचर, मैकेनिक, स्पेयर पार्ट्स और आपातकालीन ब्रेकडाउन मरम्मत के लिए हेवी व्हीकल वर्कशॉप भी रहेगा।
-नवभारत लाइव के लिए नागपुर से रियाज अहमद की रिपोर्ट