Nagpur School Girl Physical Abuse Case Accused Arrested: नागपुर में एक बार फिर मासूम बच्चियों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठाने वाली एक बेहद शर्मनाक और खौफनाक वारदात सामने आई है। सक्करदरा पुलिस स्टेशन की सीमा में घटित इस घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। रोजाना की तरह सुबह-सुबह ऑटो-रिक्शा में सवार होकर अपने स्कूल जा रही 9 साल की एक मासूम छात्रा को एक दरिंदे ने अपनी हवस और बदसलूकी का शिकार बनाने की कोशिश की।
रास्ते में गो गैस एलपीजी पंप के पास आरोपी ने अचानक ऑटो में बैठी मासूम बच्ची का पैर नोच लिया और उसके साथ अश्लील हरकत की। इस अचानक हुए हमले से मासूम बुरी तरह सहम गई और दहशत में आ गई।
घटना के तुरंत बाद हिम्मत दिखाते हुए उस बदहवास और रोती हुई बच्ची ने फोन के जरिए अपनी मां से संपर्क किया और उनके सामने पूरी आपबीती बयान की। अपनी 9 साल की मासूम बेटी की जुबानी ऐसी खौफनाक दास्तान सुनते ही परिजनों के पैर तले जमीन खिसक गई।
बिना एक पल का समय गंवाए, आग बबूला परिजनों ने तुरंत सक्करदरा पुलिस स्टेशन का रुख किया और आरोपी के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग करते हुए एक लिखित शिकायत दर्ज कराई।
शिकायत मिलते ही नागपुर पुलिस ने मामले को बेहद गंभीरता से लिया और जांच के लिए टीम गठित की। पुलिस जांच में आरोपी की पहचान 38 वर्षीय राजाबाबू नंदलाल गिरी के रूप में हुई है, जो मूल रूप से बिहार का रहने वाला बताया जा रहा है। जांच प्रक्रिया के दौरान पुलिस को एक बेहद अहम कामयाबी तब मिली, जब घटनास्थल पर मौजूद एक अन्य ऑटो-रिक्शा चालक प्रत्यक्षदर्शी के रूप में सामने आया।
उस चश्मदीद ऑटो चालक ने पुलिस को दिए अपने आधिकारिक बयान में इस बात की स्पष्ट पुष्टि की कि उसने आरोपी राजाबाबू को बच्ची का पैर नोचते और सरेराह छेड़छाड़ करते हुए अपनी आंखों से देखा था।
मासूम बच्ची की हिम्मत, परिजनों की त्वरित शिकायत और निष्पक्ष चश्मदीद के ठोस बयान के आधार पर सक्करदरा पुलिस ने बिना कोई देरी किए दबिश दी और आरोपी राजाबाबू नंदलाल गिरी को धर दबोचा। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ सख्त से सख्त धाराओं, विशेषकर 'लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण' यानी POCSO एक्ट और भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उसे जेल भेज दिया है।
फिलहाल सक्करदरा पुलिस मामले की आगे की गहन जांच कर रही है ताकि अदालत में पुख्ता सबूत पेश कर आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जा सके।