

Nagpur Dhantoli Traffic News: नागपुर के धंतोली इलाके में बेकाबू यातायात, अस्पतालों द्वारा नियमों की धज्जियां उड़ाने और सड़कों पर अवैध पार्किंग के कारण बन रहे जानलेवा 'बॉटलनेक' पर बॉम्बे हाई कोर्ट ने बेहद कड़ा रुख अख्तियार किया है। वर्ष 2012 से लंबित जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए खंडपीठ ने पुलिस उपायुक्त (यातायात) यानी DCP (ट्रैफिक) को 1 सितंबर 2026 को दोपहर 2:30 बजे व्यक्तिगत रूप से अदालत में हाजिर होने का समन जारी किया है। इसके साथ ही कोर्ट ने मनपा के सहायक आयुक्त और डीसीपी ट्रैफिक को धंतोली का संयुक्त दौरा कर समाधान पर ठोस हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है।
'धंतोली नागरिक मंडल' की ओर से अदालत को बताया गया कि क्षेत्र के कई बड़े अस्पतालों और व्यावसायिक परिसरों ने अपनी बेसमेंट और आरक्षित पार्किंग की जगहों पर व्यावसायिक गतिविधियां शुरू कर दी हैं। इसके कारण मरीजों के परिजनों और नागरिकों को अपनी गाड़ियां मजबूरन मुख्य सड़कों पर पार्क करनी पड़ रही हैं। कोर्ट द्वारा नियुक्त समिति के अधिवक्ता जे.बी. गांधी और पुलिस कांस्टेबल द्वारा सौंप गई रिपोर्ट ने क्षेत्र में यातायात व्यवस्था की बदहाली की पोल खोलकर रख दी है।
रिपोर्ट के अनुसार, 'सिल्वर पैलेस' से वरम्भे अस्पताल मार्ग को 'नो पार्किंग जोन' घोषित किए जाने के बावजूद दोनों ओर अवैध वाहन खड़े मिले। सिल्वर पैलेस के पीछे स्थित स्विगी (Swiggy) के डिलीवरी गोदाम के कारण डिलीवरी बॉयज के बेतरतीब दोपहिया वाहनों से पूरा रास्ता ब्लॉक हो गया है, जिससे भारी 'बॉटलनेक' बन रहा है। इसी तरह भारुका भवन से डॉ. पेंडसे अस्पताल मार्ग पर 'वन-वे' होने के बावजूद वाहन गलत दिशा से आते पाए गए, जबकि भिवापुरकर चैंबर से धंतोली गार्डन टी-पॉइंट तक अवैध पार्किंग से घंटों जाम लग रहा है।
अदालत के समक्ष यह गंभीर मुद्दा भी उठाया गया कि रात 8 से सुबह 8 बजे तक निर्माण कार्यों पर रोक के बावजूद धंतोली और वर्धा रोड पर धड़ल्ले से रात में काम चल रहा है। इससे नागरिकों को असहनीय ध्वनि प्रदूषण और मलबे के कारण ट्रैफिक जाम झेलना पड़ रहा है। पुलिस और मनपा की इस घोर निष्क्रियता पर गहरी नाराजगी जताते हुए हाई कोर्ट ने अब अधिकारियों की व्यक्तिगत जवाबदेही तय करने का मन बना लिया है।