राष्ट्रसंत तुकडोजी महाराज नागपुर विश्वविद्यालय   सोर्स- सोशल मीडिया
नागपुर

RTMNU नागपुर: सिर्फ 35% एडमिशन, फिर भी परीक्षा फॉर्म की डेडलाइन 28 सितंबर, हजारों छात्रों का भविष्य दांव पर

Nagpur University news: राष्ट्रसंत तुकडोजी महाराज नागपुर विश्वविद्यालय (RTMNU) में एडमिशन प्रक्रिया पूरी होने से पहले ही परीक्षा फॉर्म की समयसीमा तय करने से कॉलेज प्रशासन और छात्र भारी तनाव में हैं।

प्रमोद यादव

RTMNU Exam Form Deadline 2026: राष्ट्रसंत तुकडोजी महाराज नागपुर विश्वविद्यालय की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में है। विश्वविद्यालय से संबद्ध महाविद्यालयों में स्नातक और स्नातकोत्तर स्तर के बीए, बीकॉम, बीएससी सहित विभिन्न पाठ्यक्रमों के तीसरे और पांचवें सेमेस्टर की प्रवेश प्रक्रिया अभी पूरी भी नहीं हुई है।

वहीं प्रशासन ने महाविद्यालयों को विद्यार्थियों के परीक्षा फॉर्म 28 सितंबर तक भरवाकर संबंधित जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। प्रवेश प्रक्रिया और परीक्षा फॉर्म की समयसीमा में तालमेल नहीं होने से महाविद्यालय प्रशासन की मुश्किलें बढ़ गई हैं।

स्थिति यह है कि कई महाविद्यालयों में अभी तक करीब 35 फीसदी ही प्रवेश हो पाए हैं, जबकि बड़ी संख्या में विद्यार्थियों के प्रवेश बाकी हैं। ऐसे में महाविद्यालयों के सामने सवाल खड़ा हो गया है कि जब विद्यार्थियों के प्रवेश ही पूर्ण नहीं हुए हैं तो उनके परीक्षा फॉर्म भरने की प्रक्रिया इतनी जल्दबाजी में क्यों कराई जा रही है।

नागपुर विश्वविद्यालय में देर से प्रवेश लेने वालों पर संकट

राष्ट्रसंत तुकडोजी महाराज नागपुर विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से 28 सितंबर की समयसीमा तय किए जाने से सबसे बड़ी चिंता उन विद्यार्थियों को लेकर है जिनका प्रवेश अभी बाकी है। यदि प्रवेश प्रक्रिया 28 सितंबर के बाद भी जारी रहती है और परीक्षा फॉर्म भरने की अंतिम तिथि नहीं बढ़ाई जाती तो ऐसे विद्यार्थियों के सामने परीक्षा फॉर्म भरने का अवसर छूटने का खतरा पैदा हो सकता है।

इसका सीधा असर उनकी आगामी सेमेस्टर परीक्षा पर पड़ सकता है। महाविद्यालयों का कहना है कि प्रवेश प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही विद्यार्थियों की वास्तविक संख्या स्पष्ट होती है। इसके बाद परीक्षा फॉर्म भरने की प्रक्रिया शुरू करने से विद्यार्थियों और महाविद्यालयों दोनों को सुविधा होगी।

वर्तमान व्यवस्था में प्रवेश प्रक्रिया एक ओर जारी है तो दूसरी ओर परीक्षा फॉर्म भरने की समयसीमा तय कर दी गई है। इससे महाविद्यालयों को कम समय में दोनों प्रक्रियाएं संभालने का दबाव झेलना पड़ रहा है। प्राचार्यों का कहना है कि विश्वविद्यालय को प्रवेश प्रक्रिया की वास्तविक स्थिति को ध्यान में रखते हुए परीक्षा फॉर्म भरने की अंतिम तिथि बढ़ानी चाहिए ताकि किसी भी विद्यार्थी का भविष्य केवल समयसीमा के कारण प्रभावित न हो।

महाविद्यालयों के प्राचार्यों ने मांगी राहत

विश्वविद्यालय के निर्देश के बाद संबद्ध महाविद्यालयों के प्राचार्यों ने नागपुर विश्वविद्यालय की उपकुलपति डॉ. मनाली मकरंद क्षीरसागर से मुलाकात कर वस्तुस्थिति से अवगत कराया। प्राचार्यों ने प्रवेश प्रक्रिया पूरी करने के लिए कुछ दिनों की अतिरिक्त मोहलत देने की मांग की ताकि प्रवेश लेने वाले सभी विद्यार्थियों को परीक्षा प्रक्रिया में शामिल किया जा सके। हालांकि प्राचार्यों के अनुसार उन्हें अपेक्षित राहत नहीं मिल पायी है।

35% प्रवेश, बाकी छात्रों की चिंता

  • तीसरे और पाचवें सेमेस्टर के प्रवेश अभी जारी

  • बीए, बीकॉम, बीएससी समेत विभिन्न पाठ्यक्रम शामिल

  • बड़ी संख्या में विद्यार्थियों के प्रवेश अभी बाकी

  • प्राचायों ने कुलपति से अतिरिक्त समय देने की मांग की

  • समयसीमा नहीं बढ़ी तो परीक्षा से वंचित रहने की नौबत

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