राशन चावल घोटाला, आरटीआई खुलासा,(सोर्स: सोशल मीडिया) 
नागपुर

नागपुर में राशन चावल गबन मामला गरमाया, विधानसभा में कुछ और, RTI में कुछ और?

Nagpur Ration Rice Scam: नागपुर में राशन चावल गबन मामले में RTI से जांच रिपोर्ट का खुलासा हुआ। फेडरेशन ने मंत्री पर विधानसभा को गुमराह करने का आरोप लगाया।

अंकिता पटेल

Nagpur Ration Probe: नागपुर जिले में राशन के चावल के गबन (घोटाले) को लेकर की गई शिकायत का सच आखिरकार सूचना के अधिकार (आरटीआई) के तहत सामने आ गया है। इस खुलासे के बाद ऑल महाराष्ट्र फेअर प्राइज शॉपकीपर्स फेडरेशन ने खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री छगन भुजबल पर विधानसभा को गुमराह करने का गंभीर आरोप लगाया है।

नागपुर शहर में राशन के चावल के गबन की जांच के लिए 10 अक्टूबर 2024 को एक आधिकारिक शिकायत दर्ज कराई गई थी। इस शिकायत पर संज्ञान लेते हुए विभागीय आयुक्त ने सावनेर के उपविभागीय अधिकारी की अध्यक्षता में एक जांच समिति का गठन किया था। इस समिति ने मामले की जांच कर अपनी रिपोर्ट भी सौंप दी थी। इसी रिपोर्ट के आधार पर विधानसभा में विपक्ष के नेता विजय वडेट्टीवार ने सरकार से सवाल पूछा था।

हालांकि खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री छगन भुजबल ने सदन में यह कहकर पल्ला झाड़ लिया कि ऐसी कोई शिकायत ही नहीं मिली है और न ही कोई जांच हुई है। मंत्री के इस दावे के बाद फेडरेशन ने आरटीआई के जरिए जानकारी मांगी जिसमें जांच समिति और रिपोर्ट की बात सच साबित हुई। अब यह सवाल उठ रहा है कि क्या संबंधित विभाग ने जानबूझकर वाह रिपोर्ट मंत्री और सदन से छिपाकर रखी थी।

साठगांठ और भ्रष्टाचार के आरोप

फेडरेशन के कार्यकारी अध्यक्ष संजय पाटिल, दिनेश तानाचे और सैयद मुश्ताक ने संयुक्त रूप से खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों पर तीखा हमला बोला है। फेडरेशन का आरोप है कि विभाग के वरिष्ठ अधिकारी दयानंद चिंचोलकर और नरशिकर, अपने पसंदीदा और जूनियर अधिकारियों के साथ साठगांठ कर आपूर्ति तंत्र में बड़ा घोटाला कर रहे हैं।

इसके बदले में जूनियर अधिकारियों को उनके मनमुताबिक जगहों पर पोस्टिंग दी जा रही है। फेडरेशन ने मांग की है कि भ्रष्टावार में लिप्त इन दोनों वरिष्ठ अधिकारियों (चिचोलकर और नरशिकर) की अवैध संपत्ति की तुरंत जांच की जानी चाहिए।

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