नागपुर के प्लास्टिक बाजार में तिरपाल की बढ़ी मांग,प्रतीकात्मक तस्वीर (साेर्स: एआई फोटो) 
नागपुर

बारिश शुरू, प्लास्टिक बाजार गुलजार; किसानों की पहली पसंद बना तिरपाल, नागपुर में 50% तक बढ़े दाम

Nagpur Plastic Tarpaulin Demand: मानसून के साथ नागपुर के प्लास्टिक बाजार में तिरपाल की मांग बढ़ गई है। कच्चे माल की महंगाई के चलते इस बार तिरपाल की कीमतों में 40 से 50 फीसदी तक बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

अंकिता पटेल

Nagpur Plastic Tarpaulin Market Monsoon Demand: नागपुर जिले में बारिश आते ही प्लास्टिक बाजार भी सज गया है। किसानों सहित बड़ी संख्या में लोग प्लास्टिक तिरपाल की खरीदी करने मार्केट पहुंच रहे हैं। किसान, व्यापारी और आम लोग अपने घरों पर डालने के लिए मोटा तिरपाल खरीदना पसंद कर रहे हैं जो बारिश के 3 मौसम तक काम दे सके, प्लास्टिक बाजार में इस बार ग्रीन बट, सुप्रीम, सिल्पोनिल सहित अन्य कंपनियों के तिरपाल की ज्यादा डिमांड है।

लेकिन इस बार मिडिल ईस्ट और अन्य अंतरराष्ट्रीय मोर्चों पर चल रहे तनाव के कारण प्लास्टिक के दानों की कीमतों में भारी उछाल आया है जिसके परिणामस्वरूप तिरपाल की कीमतों में भी 40% से 50% की भारी बढ़ोतरी हो गई है। किसान फसलों को ढंकने के लिए सिल्पोनिल खरीद रहे हैं जो 300 से 350 रुपए मीटर है तो वहीं लोग अपने प्रतिष्ठानों पर डालने के लिए सुप्रीम को पसंद कर रहे हैं जो 250 से 300 रुपए मीटर है।

वर्षा से बचने का किया जा रहा बंदोबस्त

हर कोई वर्षा से बचने के लिए बंदोबस्त में लग गया है। तिरपाल व्यापारियों के अनुसार यह व्यवसाय जून से 2 महीने तक चलता है। तिरपाल में क्वालिटी अनुसार पना 12, 18, 24 और 36 का होता है। सुबह से देर शाम तक लोग तिरपाल खरीदने के लिए बाजार में पहुंच रहे हैं। इस समय जिले में इसकी अच्छी खासी खपत बढ़ गई है।

खुदरा और थोक बाजार में कीमतें

श्रेणी कीमत
खुदरा बाजार 1.25 रूपए से 16 रूपए प्रति वर्ग फुट
थोक बाजार 100रूपए  से 260 रूपए प्रति किलोग्राम

किसानों की तरह ईंट-भट्ठा संचालक भट्ठों को सुरक्षित रखने के लिए तिरपाल की खरीदी कर रहे हैं। आम लोग अपने घरों पर डालने के लिए काला और वाइट तिरपाल उपयोग कर रहे हैं जो कि बाजार में 180 से 200 रुपये प्रति किलो तक बिक रहा है। नागपुर मार्केट में पानीपत और प्रीतमपुर सहित अन्य स्थानों से तिरपाल आते हैं।

तिरपाल की मौजूदा कीमतें

तिरपाल/ब्रांड कीमत
सिल्पोनिल 300–350 रूपए प्रति मीटर
सुप्रीम 250–300 रूपए प्रति मीटर
काला/सफेद तिरपाल 180–200 रूपए प्रति किलोग्राम

ग्राहकों के हिसाब से क्वालिटी उपलब्ध

व्यापारियों के अनुसार कम पैसे में बरसात के पानी से बचाव के लिए तिरपाल बेहतर विकल्प है। बाजार में ग्राहकों के हिसाब से प्लास्टिक की क्वालिटी उपलब्ध है, आजकल छोटा हो या बड़ा, तिरपाल की जरूरत सभी को है, फिर भी सबसे अधिक खपत गांवों में है।

किसान अपने चैंबर के लिए, कुछ लोग उपला ढंकने के लिए तो कुछ ऐसे लोग भी है जो टिन के ऊपर तिरपाल लगाने के लिए खरीद रहे हैं। पशु पालकों के लिए भी प्लास्टिक तिरपाल आज जरूरत बन गई है।

कीमत तय करने वाले प्रमुख कारक

कारक प्रभाव
साइज (Size) बड़ा आकार होने पर कुल कीमत बढ़ती है।
GSM (मोटाई) अधिक GSM वाली तिरपाल ज्यादा मजबूत और महंगी होती है।
मटेरियल की गुणवत्ता HDPE/LDPE और UV-कोटेड तिरपाल की कीमत अधिक होती है।
ब्रांड ब्रांडेड उत्पाद स्थानीय तिरपाल की तुलना में महंगे होते हैं।
रंग व फिनिश विशेष रंग, लैमिनेशन और फिनिशिंग से कीमत बढ़ सकती है।

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