

Nagpur Kalamna Market Water Shortage: नागपुर कृषि उपज बाजार समिति 'कलमना मार्केट' इन दिनों प्रशासनिक अनदेखी और बदहाली का जीवंत उदाहरण बन चुका है। करोड़ों रुपए के टर्नओवर वाले इस व्यापारिक केंद्र में बुनियादी सुविधाओं का इस कदर अभाव है कि अब इसे 'समस्याओं का अंबार' कहा जाने लगा है। पानी की किल्लत से लेकर हर तरफ फैली गंदगी और अधूरे पड़े निर्माण कार्यों ने यहां के व्यापारियों, किसानों और हजारों कामगारों का जीना मुहाल कर दिया है।
एशिया की इस प्रतिष्ठित मंडी की साख बुनियादी ढर्रे के ढहने से लगातार दांव पर लगी हुई है। कलमना मार्केट परिसर में पीने के पानी के लिए बनाए गए प्याऊ महीनों से बंद पड़े हैं जिससे प्यास बुझाने के लिए कामगारों को पूरी तरह बोरवेल पर निर्भर होना पड़ रहा है। विडंबना यह है कि अधिकांश बोरवेल खराब हो चुके हैं और जो चालू हैं उनसे मटमैला और दूषित पानी आ रहा है।
इस भीषण गर्मी और उमस के मौसम में मजदूर और हमाल यही दूषित पानी पीने को मजबूर हैं जिससे परिसर में गंभीर बीमारियां फैलने का अंदेशा बढ़ गया है। पानी की इस किल्लत का सीधा असर मंडी की स्वच्छता व्यवस्था पर पड़ा है। परिसर के सुलभ शौचालय गंदगी से बजबजा रहे हैं।
यहां के शौचालयों में न तो पानी की कोई व्यवस्था है और न ही दरवाजों के पल्ले बचे हैं। शमर्नाक यह है कि कई महिला शौचालय के दरवाजे भी टूट चुके हैं। इस बदहाली के कारण महिला व्यापारियों और दूरदराज से आने वाली महिला किसानों को सबसे ज्यादा मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना झेलनी पड़ रही है। महिला मजदूरों को भी समस्या का सामना रोज करना पड़ता है।
मंडी प्रशासन की लापरवाही का आलम यहीं खत्म नहीं होता। परिसर के भीतर विकास और सुदृढीकरण के नाम पर कई निर्माण कार्य शुरू तो किए गए लेकिन उन्हें अधूरा छोड़ दिया गया है। इसके चलते पूरे परिसर में जगह-जगह गहरे गड्ढे खोदकर छोड़ दिए गए हैं। भारी वाहनों की लगातार आवाजाही और रात के समय पर्याप्त रोशनी न होने के कारण ये गड्ढे किसी बड़े हादसे को न्योता दे रहे हैं।
व्यापारियों का कहना है कि मंडी में हर वक्त किसी न किसी अनहोनी की आशंका बनी रहती है लेकिन प्रशासन किसी बड़े हादसे के इंतजार में हाथ पर हाथ धरे बैठा है। गड्ढों में बारिश का पानी जमा होने से भी हादसे की आशंका बढ़ेगी।
कलमना मार्केट के पूरे परिसर की सड़कों और रास्तों पर जगह-जगह कचरे और गंदगी के ढेर लगे हुए हैं जिससे उठने वाली सड़ांध के कारण मंडी में खड़े रहना भी दूषित हवा को सांस में लेने जैसा हो गया है। पिछली द्वार के पास आढ़तिया, कैंटीन, शौचालय के पास सड़क पर कचरे का ढेर लगा हुआ है। सड़क पर गंदगी फैली हुई है। इससे यहां बदबू फैल रही है, मच्छरों का प्रकोप बढ़ रहा है।