F MARK Tigress Cub Caught on Camera: मानसून के दौरान टाइगर रिजर्व के बफर क्षेत्र में सफारी जारी रहती है लेकिन बफर में बाघों के दर्शन दुर्लभ होते हैं। इसी बीच पेंच टाइगर रिजर्व में मानसून सफारी के दौरान पर्यटकों को एफ मार्क नामक बाघिन का शावक दिखाई दिया। वाइल्डलाइफ फोटोग्राफर वैभव सिंगनजुडे ने शावक को अपने कैमरे में कैद कर लिया। बाघिन का शावक बड़ी उत्सुकता के साथ पर्यटकों की ओर देख रहा था। इस दृश्य ने सभी का मन मोह लिया।
हाल ही में पर्यटकों ने पेंच टाइगर रिजर्व के बफर जोन अंतर्गत खवासा क्षेत्र से सफारी बुक की थी। हालांकि काफी देर तक कोई टाइगर नहीं दिखा लेकिन अचानक झाड़ियों में हलचल हुई। चालक ने जिप्सी रोकी तो एक बाघ शावक दिखाई दिया। उसकी मां झाड़ियों में आराम कर रही थी।
वन्यजीव अभ्यासक कौशल नेवारे ने पर्यटकों को एफ मार्क बाघिन के बारे में जानकारी दी। नेवारे ने बताया कि यह शावक साढ़े 4 वर्षीय युवा बाघिन एफ मार्क का है। उक्त बाघिन के कुल 3 शावक हैं। अन्य 2 शावक मां के साथ कुछ ही दूरी पर झाड़ियों बैठे थे। शावक का दीदार होते ही पर्यटक खुशी से झूम उठे।
बता दें कि पेंच टाइगर रिजर्व में हर वर्ष लाखों पर्यटक जंगल के खूबसूरत दृश्यों और प्रकृति का आनंद लेने पहुंचते हैं। पेंच को अधिक आकर्षक बनाने के लिए कोलितमारा में बोटिंग सफारी शुरू करने की योजना बनाई गई। इसके लिए महाराष्ट्र इको टूरिज्म डेवलपमेंट बोर्ड (एमईडीबी) के माध्यम से सरकार को स्थायी पर्यटन के लिए 2.5 करोड़ रुपये की व्यापक योजना सौंपी गई थी।
बोटिंग सफारी के तहत कोलितमारा में 2 गैर प्रदूषणकारी इलेक्ट्रिक नौकाएं मंगाई जानी थीं। लगभग 5 महीनों पहले यहां एक इलेकट्रिक बोट लाई गई थी। अब अक्टूबर में यहां दूसरी नौका लाई जाएगी। बोटिंग सफारी का उद्देश्य नाव सफारी को एक प्रमुख पर्यटन आकर्षण के रूप में बढ़ावा देना है। साथ ही स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर सृजित करना है।
पेंच टाइगर रिज़र्व मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र की सीमा पर स्थित है। यह सतपुड़ा पर्वत श्रृंखला के दक्षिणी छोर पर स्थित है। यह मध्य प्रदेश के सिवनी और छिंदवाड़ा ज़िलों के साथ-साथ महाराष्ट्र के नागपुर ज़िले के एक हिस्से को भी कवर करता है।