Padma Shri Awards 2026: केंद्र सरकार ने वर्ष 2026 के लिए पद्म पुरस्कारों का ऐलान कर दिया है। यह सम्मान देश के अलग-अलग क्षेत्रों में बेहतरीन योगदान देने वालों को दिया जाता है। हर साल गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर इन पुरस्कारों की घोषणा की जाती है। इनमें सिटी के 'मैन ऑफ एक्सप्लोसिव' सत्यनारायण नुवाल को व्यापार और उद्योग क्षेत्र में पद्मश्री से सम्मानित किया जाएगा। नुवाल 'सोलर इंडस्ट्रीज इंडिया' के अध्यक्ष हैं।
उनकी कंपनी न केवल खनन के क्षेत्र में बल्कि भारतीय रक्षा क्षेत्र के लिए भी गोला-बारूद और विस्फोटक बनाने का काम करती है। स्वदेशी रक्षा उपकरणों के निर्माण में उनके योगदान ने भारत को इस क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ा कदम बढ़ाया है।
उन्होंने मैन्युफैक्चरिंग और ट्रेड से जुड़े व्यवसायों के विकास में अहम भूमिका निभाई है। क्षेत्रीय सप्लाई चेन और लोकल इंडस्ट्री इकोसिस्टम को मजबूत करने में उनका योगदान माना जाता है। उन्होंने रोजगार के अवसर बढ़ाने में भी भूमिका निभाई है। उनके लंबे औद्योगिक योगदान के चलते उन्हें यह सम्मान दिया गया है। इस बार महाराष्ट्र से कुल 14 लोगों को पद्म सम्मान देने की घोषणा की गई है।
नुवाल सोलर इंडस्ट्रीज इंडिया के चेयरमैन हैं। महाराष्ट्र के सत्यनारायण नुवाल को व्यापार और उद्योग क्षेत्र में पद्म श्री (Padma Shri) से सम्मानित किया गया है। एक सरकारी कर्मचारी के बेटे नुवाल ने 18 साल की उम्र में 1970 में अपना पहला बिजनेस, एक स्याही बनाने की यूनिट बनाकर की। जब उनके पास पैसे नहीं थे तो उन्होंने रेलवे स्टेशन पर राते बिताई। आज सत्यनारायण नुवाल की 73 साल की उम्र में नेटवर्थ 5.5 बिलियन डॉलर (करीब 50,376 करोड़ रुपये) है। फोर्ब्स के मुताबिक वह दुनिया के 756वे सबसे अमीर शख्स हैं। उनकी कंपनी न केवल माइनिंग सेक्टर में बल्कि डिफेंस सेक्टर में भी काम करती है। स्वदेशी डिफेंस हथियार बनाने में उनके योगदान ने भारत को इस क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ा कदम बढ़ाया है।
धीरे-धीरे कोयला खदानों से ऑर्डर मिलने लगे और कारोबार चल निकला। 1984 तक वे कंसाइनमेंट एजेंट बन चुके थे और 90 के दशक तक विस्फोटकों के बड़े डीलर के तौर पर पहचान बना ली। यही दशक उनका टर्निंग पॉइंट साबित हुआ। 1995 में उन्होंने 60 लाख रुपए का बैंक लोन लेकर अपनी खुद की कंपनी शुरू की।
लाइसेंस मिलने के बाद कारोबार तेजी से बढ़ा। 2006 में कंपनी शेयर बाजार में लिस्ट हुई, तब टर्नओवर करीब 78 करोड़ रुपए था। इसके बाद 2010 तक सोलर इंडस्ट्रीज भारत की रक्षा सेनाओं के लिए विस्फोटक बनाने का सरकारी लाइसेंस पाने वाली पहली निजी कंपनी बन गई। स्टेशन पर रातें गुजारने वाला यही शख्स आज हजारों करोड़ की कंपनी का मालिक है और यही कहानी उन्हें खास बनाती है।
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इस सम्मान पर नुवाल ने कहा कि भारत सरकार की इस घोषणा से मैं बहुत सम्मानित महसूस कर रहा हूं और मैं यह सम्मान पूरी सोलर फैमिली को समर्पित करता हूं। सोलर ग्रुप के चेयरमैन के तौर पर यह सम्मान देश के डिफेंस सिस्टम में योगदान देने और भारत की डिफेंस तैयारियों को और मजबूत करने के प्रति मेरी प्रतिबद्धता को और मजबूत करता है, मैं सरकार को दिल से धन्यवाद देता हूं और मुझे पूरा विश्वास है कि यह सम्मान मुझे मकसद के साथ देश की सेवा करते रहने के लिए प्रेरित करेगा।