Nagpur Municipal Corporation Nirmalya Rath: गणेशोत्सव को पर्यावरण-अनुकूल और सुरक्षित तरीके से संपन्न कराने के लिए नागपुर महानगरपालिका ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। प्राकृतिक जल निकायों को प्रदूषण से बचाने के लिए मनपा प्रशासन शहर के विभिन्न क्षेत्रों में 415 कृत्रिम विसर्जन टैंक (Artificial Immersion Tanks) स्थापित कर रहा है। इसके अलावा भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था और विसर्जन स्थलों की देखरेख के लिए 1,065 से अधिक नागरिक और स्वच्छता कर्मियों को विशेष ड्यूटी पर तैनात किया जा रहा है।
4 फीट से छोटी और बड़ी मूर्तियों के लिए अलग व्यवस्था
उप नगर आयुक्त (ठोस अपशिष्ट प्रबंधन) राजेश भगत के अनुसार, 4 फीट से कम ऊंचाई वाली घरेलू गणेश मूर्तियों के विसर्जन के लिए कृत्रिम टैंकों का उपयोग किया जाएगा। वहीं, 6 फीट से अधिक ऊंचाई वाली बड़ी सार्वजनिक गणेश मूर्तियों के विसर्जन के लिए नागपुर शहर में 6 विशेष स्थान निर्धारित किए गए हैं। काचीमेट (काचीवीसा), गोरेवाड़ा, पुलिस लाइन टाकली, कोराडी कृत्रिम झील, सोनेगांव कृत्रिम झील और गांधीसागर कृत्रिम झील।
त्योहार के दौरान उत्पन्न होने वाले फूलों और जैविक कचरे के प्रबंधन के लिए मनपा ने विशेष योजना बनाई है। सभी कृत्रिम विसर्जन स्थलों के पास कलेक्शन बिन रखे जाएंगे और 16 मोबाइल यूनिट तैनात रहेंगी। इसके अलावा मनपा 14 'निर्माल्या रथ' चलाएगी, जिसमें प्रत्येक जोन के लिए एक और चार बफर वाहन शामिल हैं। ये वाहन लगभग 200 प्रमुख गणेश मंडलों से सीधे निर्माल्या एकत्र करेंगे। कचरा संग्रहण का काम एजी एनवायरो (AG Enviro) और बीवीजी इंडिया एजेंसियों के बीच विभाजित किया गया है।