Nagpur NMC Salary Scam Lakadganj Zone: महानगर पालिका के लकड़गंज जोन अंतर्गत फर्जी एवजदारों के नाम शामिल कर किए गए वित्तीय घोटाले की परतें अब खुलने लगी हैं। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जांच में कुछ दस्तावेज प्राप्त हुए हैं जिसके आधार पर वेतन भुगतान में हुए घोटाले की रिपोर्ट संबंधित जांच अधिकारी की ओर से तैयार की गई। प्राथमिक स्तर पर हुई जांच के अनुसार तैयार रिपोर्ट शुक्रवार को मनपा आयुक्त विपिन इटनकर को सौंपी जाएगी।
रिपोर्ट के आधार पर संबंधित दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने की जानकारी अधिकारिक सूत्रों ने दी। उल्लेखनीय है कि आयुक्त ने सर्वप्रथम पूरे मामले की जांच कर रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए। आश्चर्यजनक यह कि इस पूरे मामले को गोपनीय रखने की कोशिश की जा रही है। यहां तक कि एवजदारों से संबंधित विभाग को भी इसकी कोई जानकारी नहीं दी जा रही है।
पूरे मामले को लेकर प्राथमिक जांच की गई है। यह मामला काफी बड़ा है। ऐसे में सघन जांच के लिए 3 सदस्यीय समिति का गठन किया जाएगा। प्राथमिक जांच में विभाग के अधिकारियों को तो शामिल नहीं किया गया था किंतु अब सघन जांच में स्वच्छता विभाग के अधिकारी को शामिल करने के संकेत सूत्रों ने दिए, इस मसले को लेकर हुई शिकायत के बाद जांच अधिकारी की ओर से वर्ष 2023 से लकड़गंज जोन में कार्यरत एवजदार सफाई कर्मचारियों का रिकॉर्ड खंगाला गया था लेकिन जोनल कार्यालय में दस्तावेज गायब होने के कारण अंततः बैंक से दस्तावेज प्राप्त किए गए, जिसके आधार पर निश्चित ही इसमें भारी धांधली होने की जानकारी अधिकारिक सूत्रों ने दी।
अधिकारिक सूत्रों के अनुसार वेतन भुगतान के लिए जो सूची और ई-मेल बैंक को भेजे गए थे, उसकी जानकारी बैंक से मांगी गई थी। कम समय में बैंक की ओर से काफी जानकारी उपलब्ध कराई गई है किंतु अभी भी काफी जानकारी हाथ लगना बाकी है। अधिकारिक सूत्रों पर विश्वास किया जाए, तो निश्चित ही इसमें काफी घपला है, जिसकी तह तक जाना जरूरी है। इस तरह के मामले अन्य जोन में भी हो सकते हैं। आश्चर्यजनक यह कि लकड़गंज जोन में हुए बोगस एवजदार वेतन भुगतान के मामले में न केवल एवजदार कर्मचारियों की सूची और कम्प्यूटर से ई-मेल गायब हुए बल्कि कार्यालय से ओसी तक गायब है।
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सूत्रों की मानें तो भुगतान प्रक्रिया काफी सटीक और पुख्ता की गई। यहां तक कि यह किसी एक व्यक्ति द्वारा अंजाम नहीं दिया जा सकता है। बैंक को भुगतान के लिए सूची भेजने से पहले कई अधिकारियों और कर्मचारियों के टेबल से होकर गुजरती है। ऐसे में जिन-जिन अधिकारियों और कर्मचारियों के टेबल से इस सूची को हरी झंडी दी जाती है, उन सभी की जांच जरूरी है। बहरहाल शुक्रवार को मनपा आयुक्त को प्राथमिक जांच रिपोर्ट सौंपी जा रही है। इसके बाद आयुक्त द्वारा लिए जाने वाले निर्णय पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।