Nagpur Maharashtra Politics: नागपुर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का जनता दरबार यानी जनसंपर्क कार्यक्रम करीब 9 वर्षों के बाद उनके महल स्थित गडकरी वाड़ा में आयोजित किया गया था। इसके पूर्व खामला चौक स्थित उनके जनसंपर्क कार्यालय में वे आम जनता से सीधे संवाद साधा करते थे और समस्याओं का निराकरण करते थे।
वाड़ा में आयोजित जनता दरबार में सुबह से नागरिकों की भीड़ उमड़ने लगी थी। दोनों मंजिलों में नागरिकों के बैठने की व्यवस्था की गई थी। लोगों ने विभिन्न समस्याओं और मुद्दों से संबंधित निवेदन उन्हें सौंप।
वाड़ा के बाहर में नागरिकों की लंबी कतार लगी थी। दिव्यांगजनों और वरिष्ठ नागरिकों ने विभिन्न सरकारी योजनाओं के तहत मदद की मांग को लेकर गडकरी को आवेदन दिया। वहीं अनेक सामाजिक और धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी प्रशासनिक कार्यों में आ रही समस्याओं पर उनसे चर्चा की।
जनता दरबार में न केवल नागपुर या विदर्भ के नागरिक बल्कि पड़ोसी राज्यों मध्य प्रदेश और राजस्थान से भी अनेक नागरिक अपनी समस्या लेकर पहुंचे थे। उन्होंने अपने-अपने विषयों से जुड़े ज्ञापन केंद्रीय मंत्री को सौपे, नागरिकों ने स्थानीय मूलभूत सुविधाओं बिजली, सड़क, पानी, ड्रेनज सिस्टम व बार-बार सड़कों की खुदाई, ट्रैफिक व्यवस्था तथा सामाजिक कल्याण से जुड़े विभिन्न मुद्दों की ओर उनका ध्यान आकर्षित किया।
इस दौरान अनेक युवाओं ने अपने नये आइडिया और आविष्कारों से जुड़े अपने विचार और सुझाव भी उनके समक्ष रखा। गडकरी ने उनके अभिनव विचारों की सराहना करते हुए उत्साहवर्धन के साथ ही उचित मार्गदर्शन भी किया।
वाड़ा में उनके आगमन पर धार्मिक, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक संस्थाओं की ओर से उनका स्वागत कर शुभकामनाएं भी दी गई। व्यापारी संगठनों ने भी व्यापार से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर उनसे चर्चा की। अनेक नागरिक गंभीर बीमारियों के उपचार में सहायता की गुजारिश की।
अनेक दिव्यांगजनों ने कृत्रिम अंग व सहायक उपकरण दिलाने के लिए आवेदन किया, नागरिकों की समस्याएं सुनने के बाद गडकरी ने संबंधित अधिकारियों को तत्काल आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
यह भी पढ़ें:-नागपुर ग्रामीण विकास पर सरकारी ब्रेक! 124 ग्राम पंचायतों का चुनाव टलने से रुकी 16वें वित्त आयोग की निधि
इस अवसर पर मनपा, एनआईटी, जिलाधिकारी कार्यालय, सेतु कार्यालय सहित विभिन्न सरकारी विभागों के अधिकारी और कर्मचारी भी उपस्थित थे। नागरिकों की समस्याओं और शिकायतों पर उन्होंने मौके पर ही उपस्थित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
कुछ मामलों में उन्होंने संबंधित अधिकारियों से फोन पर बात कर समस्याओं के शीघ्र समाधान के निर्देश भी दिए।