नितेश राणे और आदित्य ठाकरे (सौजन्य-सोशल मीडिया) 
नागपुर

इको-फ्रेंडली बकरीद! राणे के बयान से सियासी भूचाल, बोले- ठाकरे नहीं, आदित्य खान-शेख

Maharashtra Politics: बकरीद पर बकरा काटने के मामले में नितेश राणे के एक बयान ने सियासी भूचाल ला दिया है। इतना ही नहीं बल्कि नितेश राणे ने आदित्य ठाकरे पर भी हमला बोला है। राणे ने आदित्य को उपनाम बदलने की सलाह दी।

प्रिया जैस

नागपुर: मत्स्य मंत्री नितेश राणे के बकरीद को वर्चुअल तरीके से मनाने के बयान के बाद राज्य में काफी चर्चा हो रही है। अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष प्यारे खान ने उन्हें नोटिस भेजने की चेतावनी दी और घोषणा की कि वे मुख्यमंत्री फडणवीस और भाजपा नेताओं से इसकी शिकायत करेंगे। इस पृष्ठभूमि में बुधवार को नागपुर आए मंत्री राणे ने बकरीद के कारण हिंदू नागरिकों की परेशानी को व्यक्त किया।

उन्होंने यह भी कहा कि बकरा काटने को लेकर दोनों समुदायों के बीच विवाद होगा और इससे कल दंगे हो सकते हैं। राणे ने कहा कि सोसायटियों में बकरे काटे जाएंगे। इससे कई सवाल पैदा होंगे और दोनों समुदायों के बीच विवाद पैदा होगा। इससे कल दंगे हो सकते हैं। अगर कोई इसे रोकने की सलाह दे रहा है, तो हमें सुनना चाहिए। प्यारे खान को मेरी सलाह है कि उन्हें मेरी कही गई बातों पर विचार करना चाहिए। उन्हें मुस्लिम समुदाय से अपील करनी चाहिए कि राणे जो कह रहे हैं वह हमारे हित में है। इको-फ्रेंडली बकरीद मनाएं।

जिम्मेदार भूमिका निभाये राणे

जिम्मेदार पद पर बैठे व्यक्ति को जिम्मेदार भूमिका निभानी चाहिए। अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष के रूप में प्यारे खान को मुस्लिम और अल्पसंख्यक समुदायों को एकजुट करने और उन्हें जागरूक करने के लिए स्टैंड लेना चाहिए। अब प्यारे खान जो भूमिका निभा रहे हैं वह इस्लाम को बदनाम करने की है। जब हिंदू समुदाय को इको-फ्रेंडली होली, इको-फ्रेंडली दिवाली, पटाखा-मुक्त दिवाली जैसे कई सुझाव दिए जाते हैं तब हिंदू समाज समझता है। उन्होंने कहा हम दूसरे धर्मों का नाम लेकर नहीं बैठते। मेरी स्थिति और सलाह यह है कि मुसलमानों को भी उसी तरह सोचना चाहिए जिस तरह हिंदू समाज अपना डर ​​नहीं दिखाता। जिस तरह हिंदू समाज पर्यावरणविदों की बात मानता है और पटाखे नहीं फोड़ता, रंग नहीं खेलता, उसी तरह मुसलमानों को भी पर्यावरण के अनुकूल बकरीद मनानी चाहिए, यह मेरी अच्छी सलाह है। राणे ने कहा कि इसमें हिंदू-मुस्लिम विवाद पैदा करने का सवाल ही कहां है।

आदित्य ठाकरे नहीं आदित्य खान-शेख

राज्य के मत्स्य पालन मंत्री नितेश राणे ने एक बार फिर शिवसेना ठाकरे गुट के नेता आदित्य ठाकरे पर फिर एक बार तंज कसते हुए कहा कि आदित्य ठाकरे को अपना उपनाम बदलकर आदित्य खान या आदित्य शेख रख लेना चाहिए। तब यह ज्यादा उपयुक्त लगेगा। उन्होंने यह भी अपनी राय व्यक्त की कि अगर बालासाहेब के पोते इस तरह से बोलने जा रहे हैं, तो वे ठाकरे उपनाम का उपयोग करने के लायक नहीं है।

दोनों ठाकरे भाइयों के एक साथ आने की चर्चा पर उन्होंने स्पष्ट किया कि दोनों भाइयों को क्या करना चाहिए यह उनका पारिवारिक मामला है। उन्होंने कहा कि वे एक साथ आए या नहीं। अगर किसी का परिवार एक साथ आ रहा है, अगर विवाद सुलझ रहा है, तो यह अच्छी बात है। हमें इसके बारे में सोचने, नोटिस लेने या दुखी होने की जरूरत नहीं है।

5 राज्यों के चुनाव में BJP को ₹1,473 करोड़ का चंदा, कांग्रेस से 7 गुना ज्यादा; जानें कहां कितना किया खर्च

गांधीनगर में बड़ा हादसा, स्लैब गिरने से मचा हड़कंप, मलबे में दबे 10 लोग; रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

Chidambaram vs PM Modi: दिमागी नक्सल कहे जाने पर चिदंबरम ने क्यों जताई खुशी? नाराज फूफा पर भी किया पलटवार

रांची में बड़ा हादसा, भरभराकर गिरी जर्जर पानी टंकी, मलबे में दबे कई मजदूर; एक की मौत

INDIA गठबंधन की तरह विजय ने बनाया सेक्युलर सोशल जस्टिस विक्ट्री अलायंस, TVK समेत 4 पार्टियां हुईं शामिल