Illegal Construction Removal Vidarbha: नागपुर सुधार प्रन्यास (नासुप्र) ने उत्तर नागपुर में अपनी भूमि पर फैले अवैध कब्जों के खिलाफ बड़ा अभियान चलाते हुए करीब 9 एकड़ सरकारी जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया। पुलिस के कड़े बंदोबस्त के बीच हुई इस कार्रवाई का नेतृत्व नासुप्र के सभापति संजय मीणा के मार्गदर्शन में किया गया। लंबे समय से अवैध कब्जों की शिकायत मिलने के बाद आखिरकार प्रशासन ने बुलडोजर के साथ कार्रवाई शुरू की।
अभियान की शुरुआत पीली नदी के समीप स्थित संघर्ष नगर क्षेत्र से की गई। नासुप्र की टीम ने उत्तर नागपुर के मौजा वांजरा के खसरा क्रमांक 30 से 35, 12/2, 17 और 18 में फैले अतिक्रमण को हटाया। कार्रवाई शुरू होते ही क्षेत्र में हड़कंप मच गया और बड़ी संख्या में लोग मौके पर जुट गए।
नासुप्र के दस्ते ने बुलडोजर की मदद से 52 अवैध व्यावसायिक निर्माणों को ध्वस्त कर दिया। अधिकारियों के अनुसार स्थानीय लोगों और दुकानदारों ने सरकारी जमीन पर अनधिकृत निर्माण कर कब्जा कर लिया था। पिछले वर्ष सार्वजनिक नोटिस जारी कर अतिक्रमण हटाने के लिए अंतिम चेतावनी भी दी गई थी, लेकिन निर्धारित समय में कब्जे नहीं हटाए गए। इसके बाद प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की।
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यह कार्रवाई उत्तर नागपुर के विभागीय अधिकारी कमलेश टेंभुर्णे के नेतृत्व में संपन्न हुई। अभियान में अतिक्रमण पथक प्रमुख मनोहर पाटिल, कनिष्ठ अभियंता प्रशांत खोब्रागड़े, अभियंता नरेंद्र दराडे सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए यशोधरा नगर थाने के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक यूनुस शेख, सहायक पुलिस निरीक्षक मुले, पुलिस उपनिरीक्षक राजेश वासनिक और पुलिस बल भी तैनात रहा।
नासुप्र अधिकारियों का कहना है कि सरकारी जमीन पर अवैध कब्जों के खिलाफ आगे भी अभियान जारी रहेगा। प्रशासन का उद्देश्य सार्वजनिक संपत्तियों को नागपुर अतिक्रमण मुक्त कर नियमानुसार उनका उपयोग सुनिश्चित करना है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि भविष्य में भी सरकारी भूमि पर अवैध निर्माण करने वालों के खिलाफ इसी तरह की सख्त कार्रवाई की जाएगी।