New Nagpur Project Stamp Duty Waiver: महाराष्ट्र के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में एक बेहद महत्वपूर्ण फैसला लिया गया है। सरकार ने नागपुर के सुनहरे भविष्य यानी 'न्यू नागपुर' और 'न्यू आउटर रिंग रोड' प्रोजेक्ट को लेकर बड़ा फैसला लिया है।
न्यू नागपुर प्रोजेक्ट और न्यू आउटर रिंग रोड के लिए सरकार ने जमीन अधिग्रहण (Land Acquisition) से जुड़ा एक ऐतिहासिक फैसला लिया है, जिससे जमीन मालिकों और किसानों को सीधा फायदा पहुंचने वाला है। आइए आसान भाषा में समझते हैं कि यह पूरा मामला क्या है।
कोई भी सरकार जब भी कोई बड़ा प्रोजेक्ट लाती है, तो सबसे बड़ी चुनौती जमीन अधिग्रहण की होती है। न्यू नागपुर' और न्यू आउटर रिंग रोड प्रोजेक्ट के लिए महाराष्ट्र की महायुति सरकार ने एक नया रास्ता चुना है। सरकार इन परियोजनाओं के लिए निजी जमीन मालिकों से सीधे बातचीत करके जमीन खरीदेगी।
आमतौर पर जमीन की खरीदी पर भारी-भरकम स्टाम्प शुल्क (Stamp Duty) और पंजीकरण शुल्क देना पड़ता है। लेकिन मंगलवार को हुई फडणवीस कैबिनेट की बैठक में इस प्रोजेक्ट के लिए अधिग्रहित की जाने वाली भूमि पर स्टाम्प शुल्क और पंजीकरण शुल्क को पूरी तरह से माफ करने की मंजूरी दे दी है। यह राजस्व और स्टाम्प शुल्क विभाग की ओर से एक बड़ी रियायत है।
यह छूट पूरे नागपुर के लिए नहीं, बल्कि विशेष रूप से उन इलाकों के लिए है जहां से यह प्रोजेक्ट गुजर रहा है। फिलहाल सीधे तौर पर बातचीत के जरिए जमीन खरीदने के लिए मौजे गोधनी और मौजे लाडगांव-रिठी क्षेत्रों को चिन्हित किया गया है। यह दोनों इलाके नागपुर जिले के हिंगना तालुका के अंतर्गत आते हैं। यहां के जिन निजी जमीन मालिकों की भूमि प्रोजेक्ट में जाएगी, उन्हें इस टैक्स छूट का सीधा लाभ मिलेगा।
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नागपुर तेजी से एक बड़े लॉजिस्टिक्स और इंडस्ट्रियल हब के रूप में उभर रहा है। न्यू नागपुर को एक मॉडर्न सैटेलाइट सिटी के रूप में विकसित करने की योजना है, जिससे मुख्य शहर पर आबादी का दबाव कम होगा। न्यू नागपुर प्रोजेक्ट के तहत, नागपुर जिले के हिंगना इलाके में मौजे गोधनी और मौजे लाडगांव में एक इंटरनेशनल बिजनेस और फाइनेंस सेंटर बनाया जाएगा। इस परियोजना को पूरा करने की जिम्मेदारी नागपुर मेट्रोपॉलिटन रीजन डेवलपमेंट अथॉरिटी (NMRDA) की होगी। न्यू नागपुर प्रोजेक्ट का ऐलान मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विधानसभा में पेश किए गए बजट 2026 में किया था।
नागपुर शहर के चारों ओर 148 किलोमीटर लंबी आउटर रिंग रोड और उसके साथ चार आस-पास के ट्रांसपोर्ट हब (टर्मिनल) भी बनाए जाएंगे। न्यू आउटर रिंग रोड बनने से भारी वाहनों को शहर के अंदर नहीं आना पड़ेगा, जिससे ट्रैफिक जाम और प्रदूषण से मुक्ति मिलेगी। इस फैसले से जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया बहुत तेज हो जाएगी, क्योंकि टैक्स छूट मिलने के कारण अब किसान और जमीन मालिक बिना किसी हिचकिचाहट के सरकार से सीधे बातचीत करने को तैयार होंगे।