जेडपी सीईओ ने पेश किया बजट (सौजन्य-नवभारत) 
नागपुर

पहली बार 50 करोड़ के पार पहुंचा नागपुर ZP बजट, शिक्षा से समाज कल्याण विभाग तक, जानें किस विभाग को क्या मिला?

Nagpur ZP Budget 2026: नागपुर जिला परिषद का ₹53.67 करोड़ का बजट पेश। 49 AI लैब, विदेशी भाषा शिक्षा और 45,000 एकल महिलाओं के रोजगार पर विशेष जोर। पूरी रिपोर्ट।

प्रिया जैस

 CEO Vinayak Mahamuni: नागपुर जिला परिषद सीईओ व प्रशासक विनायक महामुनि ने चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 का 53.67 करोड़ रुपयों का सेसफंड बजट पेश किया। उन्होंने बजट में जिले की 45,000 एकल महिलाओं के रोजगारोन्मुख प्रशिक्षण व स्वरोजगार और ग्रामीण विद्यार्थियों को अत्याधुनिक तकनीक एआई आधारित शिक्षा के साथ ही फॉरेन लैंग्वेज जर्मनी व जैपनीज सिखाने पर जोर रखा है।

इसके साथ ही बजट में ग्राम पंचायतों व जलापूर्ति योजनाओं को सोलराइजेशन और वाटर हार्वेस्टिंग के लिए बड़ी निधि का प्रावधान भी किया है। चालू वित्तीय वर्ष के बजट के साथ ही बीते वर्ष 2025-26 का 54.19 करोड़ रुपयों का संशोधित बजट भी पेश किया। उन्होंने बताया कि बीते वर्ष का सेसफंड बजट 46.60 करोड़ रुपयों का था।

इस वर्ष सरकार से 30 करोड़ रुपये मुद्रांक शुल्क के प्राप्त हुए हैं। साथ ही अन्य निधि भी मिली है जिसके चलते बजट में करीब 8 करोड़ रुपयों की बढ़ोतरी हुई है। पहली बार जेडपी का बजट 50 करोड़ के पार हुआ है। इस अवसर पर एडिशनल सीईओ कमलकिशोर फुटाणे, कैफो कुमुदिनी श्रीखंडे सहित सभी विभाग प्रमुख उपस्थित थे।

2,200 विद्यार्थियों को हाईटेक एजुकेशन

महामुनि ने बताया कि शिक्षा विभाग के लिए 5.38 करोड़ रुपयों का प्रावधान किया गया है। 49 एआई लैब, रोबोटिक लैब के माध्यम से 1,200 विद्यार्थियों को प्रशिक्षण, 1000 विद्यार्थियों को फॉरेन लैंग्वेज का प्रशिक्षण दिया जाएगा। जेडपी शालाओं के बच्चों को ‘इसरो’ ले जाया जाएगा व जिप की बड़ी शालाओं के लिए 3 स्कूल बसों की व्यवस्था व लाइब्रेरी आदि बनाए जाएंगे। एआई लैब के लिए ही अतिरक्त 3 करोड़ रुपयों का प्रावधान किया गया है। महिला व बाल कल्याण विभाग के लिए 3 करोड़ का प्रावधान है वहीं बीते 2 वर्षों का 5.67 करोड़ का अनुशेष भी है। एकल महिलाओं, आत्महत्याग्रस्त किसान परिवार की महिलाओं जिनकी जिले में संख्या 45,000 है, उन्हें वीएलसीसी जैसी कुछ कंपनियों में ट्रेनिंग की व्यवस्था व रोजगार दिलाकर सक्षम बनाने की योजना है।

दिव्यांगों के लिए ‘यूथ फॉर जॉब्स’

बजट में दिव्यांग कल्याण के लिए 1.50 करोड़ रुपयों का प्रावधान किया गया है। इसमें प्रोत्साहन, पुनर्वास व रोजगारपरक प्रशिक्षण पर जोर रहेगा। ‘यूथ फॉर जाब्स’ थीम पर दिव्यांग युवाओं को रोजगार प्रदान करने के लिए सहयोग किया जाएगा। चेन्नई की एक कंपनी दिव्यांगों के शरीर अनुसार ई-व्हीकल बनाती है।

जेडपी सीईओ ने पेश किया बजट (सौजन्य-नवभारत)

जोमेटो, स्वीगी व अन्य आनलाइन कंपनियों से टाईअप किया है जिसमें उन्हें रोजगार मिलेगा। बीते वर्ष 16 दिव्यांग युवाओं को इसके माध्यम से रोजगार दिया गया था। उन्होंने कहा कि विकासोन्मुख बजट तैयार करने का पूरा प्रयास किया है और सुझाव आने पर सकारात्मक संशोधन भी किया जा सकेगा।

विभागवार निधि का प्रावधान (करोड़ रुपये में)

क्रमांक विभाग 2025–26 2026–27
1 सामान्य प्रशासन 4.58 4.58
2 वित्त विभाग 0.40 0.47
3 शिक्षा 2.65 5.38
4 बांधकाम 7.00 7.00
5 लघु सिंचाई 1.59 1.50
6 स्वास्थ्य 2.72 2.50
7 ग्रामीण जलापूर्ति 4.56 6.00
8 कृषि 1.48 1.83
9 पशु संवर्धन 1.63 1.50
10 समाज कल्याण 4.59 6.00
11 दिव्यांग कल्याण 1.14 1.50
12 महिला व बाल कल्याण 2.28 3.00
13 पंचायत 0.10 3.07
14 सामूहिक विकास 7.00 7.00
15 घसारा निधि 2.00 2.00

जरा याद करो कुर्बानी: अंग्रेजों के सामने नहीं झुके हिलसा के 11 वीर, तिरंगे के लिए सीने पर खाई थीं गोलियां

आज की ताजा खबर 12 अगस्त LIVE: एक क्लिक में पढ़ें दिनभर की सारी बड़ी खबरें

पूरा सत्र बीत गया, देश का पैसा बर्बाद हुआ, FCRA बिल को JPC के पास भेजने पर भड़का विपक्ष

NEET से FCRA तक कांग्रेस ने संसद में उठाए सवाल, अमित शाह से संसद में जवाब देने की मांग तेज

1 मिनट में अलर्ट, 2 मिनट में रवाना, 10 मिनट में मौके पर एंबुलेंस! थोड़ी भी देर हुई तो NHAI लगाएगा जुर्माना