Nagpur Rural Healthcare News: नागपुर जिला परिषद के स्वास्थ्य विभाग ने ग्रामीण क्षेत्रों में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHC) को सशक्त बनाने के लिए पिछले वर्ष मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर (OT) और स्मार्ट पीएचसी की संकल्पना पर काम शुरू किया था। अब इस पहल के सकारात्मक परिणाम सामने आने लगे हैं।
नागपुर जिले के 16 पीएचसी को आवश्यक सुविधाओं से सुसज्जित किया गया है। इन केंद्रों में नियमित रूप से परिवार नियोजन के तहत महिलाओं और पुरुष नसबंदी के ऑपरेशन सफलतापूर्वक किए जा रहे हैं। सर्जन डॉ. नंदेश्वर के साथ चिकित्सा अधिकारियों और स्वास्थ्य कर्मचारियों के समर्पित प्रयासों से अब ग्रामीण क्षेत्रों में भी शहरी अस्पत्तालों के समान स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हो रही हैं।
पहले इन ऑपरेशनों के लिए ग्रामीणों को जिला अस्पताल या निजी अस्पतालों पर निर्भर रहना पड़ता था लेकिन मॉड्यूलर ओटी और स्मार्ट पीएचसी पहल के कारण अब यह सुविधा गांवों के स्तर पर ही नियमित रूप से निःशुल्क उपलब्ध हो रही है।
नागपुर जिला परिषद के डीएचओ डॉ. राजकुमार गहलोत ने बताया कि सीईओ विनायक महामुनि के मार्गदर्शन में स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सक्षम, गुणवत्तापूर्ण और नागरिकों के अनुकूल बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे है। इन प्रयासों के परिणामस्वरूप जिले की 77 स्वास्थ्य सुविधाओं को राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक (एनक्यूएएस) प्रमाणन प्राप्त हुआ है।
ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं का बुनियादी ढांचा मजबूत करने, सेवाओं की गुणवत्ता बढ़ाने और चिकित्सा सुविधाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध कराने की दिशा में जिला परिषद लगातार प्रयास कर रहा है। इसका उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है।
आने वाले समय में जिला परिषद का लक्ष्य जिले के अन्य प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को भी इसी तर्ज पर आधुनिक और उच्च तकनीक से लैस करना है।
स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, इन व्यवस्थाओं के सुदृढ़ होने से न केवल ग्रामीणों के समय और पैसे की बचत हो रही है, बल्कि उन्हें अपने घर के पास ही विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाएं भी मिल पा रही हैं। इस पहल से ग्रामीण क्षेत्रों में मातृ-शिशु स्वास्थ्य और अन्य आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं के स्तर में व्यापक सुधार देखने को मिलेगा।