तोतलाडोह और कन्हान जलाशयों में पिछले साल की तुलना में आधे से भी कम पानी बचा।
राज्य सरकार ने जल वितरण में 10 प्रतिशत कटौती के निर्देश दिए।
नागपुर को रोजाना 740 एमएलडी कच्चे पानी की आपूर्ति होती है।
पाइपलाइन लीकेज, चोरी और अवैध कनेक्शनों से प्रतिदिन 259 एमएलडी पानी का नुकसान।
कटौती लागू होने पर शहर की रोजाना आपूर्ति में 74 एमएलडी की कमी आएगी।
Nagpur Water Crisis Totladoh Kanhan Reservoir: तोतलाडोह और कन्हान जलाशयों में जलस्तर घटने से नागपुर में जल संकट गहराने की आशंका है। राज्य सरकार के 10 प्रतिशत पानी कटौती के निर्देश के बाद मनपा ने तैयारी शुरू कर दी है। कटौती लागू होने पर रोजाना 74 एमएलडी पानी की आपूर्ति कम हो सकती है।
नागपुर शहर में आने वाले दिनों में जल संकट और गहरा सकता है। तोतलाडोह और कन्हान जलाशयों में जलस्तर लगातार घटने से नागपुर की जलापूर्ति पर संकट मंडराने लगा है। राज्य सरकार की ओर से पानी वितरण में 10 प्रतिशत कटौती करने के निर्देश दिए जाने के बाद महानगरपालिका ने भी तैयारी शुरू कर दी है। हालांकि कटौती कब से और किस अनुपात में लागू होगी, इस पर अंतिम निर्णय होना बाकी है।
सूत्रों के अनुसार, पालक मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले की अध्यक्षता में होने वाली समीक्षा बैठक के बाद इस संबंध में फैसला लिया जा सकता है। फिलहाल जलसंपदा विभाग के निर्देशों पर अमल को लेकर प्रशासन स्तर पर विचार-विमर्श जारी है।
जिले में इस मानसून सीजन में औसत बारिश का महज 64 प्रतिशत ही दर्ज किया गया है। कम बारिश और अल नीनो के प्रभाव के कारण राज्य के जलाशयों पर दबाव बढ़ गया है। स्थिति को देखते हुए सरकार ने उपलब्ध पानी के वितरण में पीने के पानी को सर्वोच्च प्राथमिकता देने और 10 प्रतिशत हिस्सा आपातकालीन जरूरतों के लिए आरक्षित रखने के निर्देश दिए हैं।
नागपुर को तोतलाडोह और कन्हान जलस्रोतों से रोजाना करीब 740 एमएलडी कच्चे पानी की आपूर्ति होती है। लेकिन इसमें से लगभग 259 एमएलडी पानी हर दिन बिना राजस्व के बर्बाद हो जाता है। पाइपलाइनों में रिसाव, पानी की चोरी, अवैध नल कनेक्शन और गैर-बिलिंग को इस नुकसान की प्रमुख वजह बताया गया है।
यदि शहर में 10 प्रतिशत पानी कटौती लागू होती है तो रोजाना की आपूर्ति में करीब 74 एमएलडी की कमी आएगी। इसका असर नागरिकों की जलापूर्ति पर पड़ सकता है। ऐसी स्थिति में एक दिन छोड़कर पानी देने या कम दबाव से जलापूर्ति करने जैसे विकल्प अपनाए जा सकते हैं।
मनपा का दावा है कि पाइपलाइनों की मरम्मत और अवैध कनेक्शनों को नियमित करने के जरिए रोजाना 50 एमएलडी पानी बचाया जा रहा है। हालांकि जलाशयों में पिछले साल की तुलना में आधे से भी कम पानी उपलब्ध होने और प्रतिदिन 259 एमएलडी के नुकसान को देखते हुए यह बचत पर्याप्त नहीं मानी जा रही है।
महापौर नीता ठाकरे के अनुसार, सरकार की ओर से पानी कटौती के निर्देश मिले हैं। शनिवार को पालक मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले स्थिति का जायजा लेंगे। कटौती का फैसला लेना जरूरी हो गया है, लेकिन इसकी सटीक मात्रा तय करने के लिए विस्तृत अध्ययन किया जा रहा है।