ट्रिपल सीट ड्राइविंग (सौजन्य-सोशल मीडिया) 
नागपुर

नागपुर में ट्रिपल सीट की मस्ती! ट्रैफिक विभाग बेपरवाह, नियमों की उड़ रही धज्जियां

Nagpur Triple Seat Issue: नागपुर की सड़कों पर इन दिनों ट्रिपल सीट की मस्ती खुलेआम देखने को मिल रही है। बिना हेलमेट, तेज रफ्तार और सिग्नल जंपिंग जैसी लापरवाहियां अब आम बात बन गई हैं।

प्रिया जैस

Traffic Police Nagpur: पिछले कुछ महीनों से सिटी में ट्रैफिक विभाग की सुस्ती के चलते युवाओं की मनमानी बढ़ गई है। दोपहिया वाहनों में बिना हेलमेट लगाए ट्रिपल सवारी मस्ती करते नजर आ रहे हैं। इसमें किशोरवयीन लड़कियां व युवतियां भी पीछे नहीं हैं। त्योहारी सीजन में तो बाजार परिसरों व सिटी की मुख्य सड़कों पर भी बिंदास ट्रिपल सवारी दोपहिया चालक नजर आ रहे हैं।

कुछ युवा तो तेज रफ्तार शोर करते हुए बाहर चला रहे हैं जिसके चलते दुर्घटना का खतरा बना रहता है। सिटी के हर इलाके में सड़कों पर यह मस्ती दिख रही है। ट्रैफिक विभाग की सुस्ती को इसका कारण बताया जा रहा है। लगता है विभाग के मुखिया का इस ओर ध्यान ही नहीं है। ऐसे लोगों को कंट्रोल करने का कोई प्रयास भी विभाग द्वारा किया जाता नजर नहीं आ रहा है। हालांकि विभाग ने देर रात अनेक चौराहों पर बैरिकेड लगाकर ड्रंकन ड्राइव की सराहनीय कार्रवाई शुरू की है लेकिन दिन में ट्रैफिक रूल्स का उल्लंघन बढ़ गया है।

सिग्नल जंपिंग है शान

ट्रिपल सीट और वह भी बिना हेलमेट पहने वाहन तो चलाए ही जा रहे हैं, सिग्नल जंपिंग भी बेखौफ की जा रही है। हौसले इतने बुलंद हो गए हैं कि जिन चौराहों पर ट्रैफिक पुलिस कर्मी खड़ा होता है वहां भी ये सिग्नल तोड़ते हुए फुर्र हो जाते हैं। वैसे सिटी के अधिकतर चौराहों पर तो सिग्नल ही बंद पड़े हैं और ऐसे चौराहों पर ट्रैफिक पुलिसकर्मी को तैनात नहीं किया जा रहा है।

इसके चलते पूरी सिटी में आपाधापी का माहौल बना हुआ है। कई सड़कों पर हर रोज जाम लग रहा है लेकिन विभाग को इससे मतलब नहीं है। सिग्नल जंपिंग करने वालों को तो चौराहों पर लगे सीसीटीवी कैमरों का भी भय नहीं है। अधिकतर चौराहों के कैमरे भी खराब पड़े हुए हैं।

चालान का भी असर नहीं

ट्रैफिक रूल्स का उल्लंघन खुलेआम हो रहा है। कुछ गिनी-चुनी जगहों पर चालान कार्रवाई भी हो रही है लेकिन इसका असर भी वाहन चालकों पर नहीं हो रहा है। कुछ बिना हेलमेट वालों की निगाहें ही कार्रवाई प्वाइंट पर रहती हैं। दूर से कार्रवाई होती देख वे गली में घुस जाते हैं या फिर टांग कर रखे हेलमेट को पहन लेते हैं। रात 8-9 बजे के बाद तो मनमानी और बढ़ जाती है।

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