नागपुर में मूक मोर्चा  (सोर्स: सोशल मीडिया)
नागपुर

शांति के लिए नागपुर में निकला मूक मोर्चा; डी.जे. व लेज़र बीम के विरोध में सड़कों पर उतरे शहरवासी

Nagpur Citizens Silent March: नागपुर में उच्च-डेसिबल DJ और हानिकारक लेज़र बीम लाइटों के खिलाफ नागरिकों ने मूक मोर्चा निकाला। भारी बारिश के बावजूद स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए शहरवासी सड़कों पर उतरे।

गोरक्ष पोफली

Nagpur Silent Protest Against DJ: नागपुर में बढ़ते ध्वनि प्रदूषण, उच्च-डेसिबल डी.जे. और तीव्र लेज़र बीम लाइटों के विरोध में शहर के निवासियों ने एक विशाल और शांतिपूर्ण मूक प्रदर्शन मोर्चा आयोजित किया।

इस आंदोलन के माध्यम से नागपुर वासियों ने शांत रहकर डी.जे. तथा खतरनाक लेज़र लाइटों के दुष्प्रभावों के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की।

भारी बारिश के बावजूद सड़कों पर उतरे नागरिक

इस मूक मोर्चे का आयोजन संदीप जोशी द्वारा किया गया था। विरोध प्रदर्शन के दौरान तेज बारिश हो रही थी, लेकिन इसके बावजूद नागपुरवासियों के उत्साह और प्रतिबद्धता में कोई कमी नहीं आई। भर बरसात में भी शहरवासी सड़कों पर उतरे और शांत रहकर अपना विरोध दर्ज कराया।

आंदोलन के आयोजक संदीप जोशी ने भारी बारिश के बीच भी डी.जे. और लेज़र बीम लाइट के खिलाफ इस लड़ाई में शांति की आवाज बुलंद करने वाले नागपुरवासियों के मूक मोर्चे को सलाम किया और उनकी सराहना की।

बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और बच्चों का समर्थन

इस आंदोलन को नागपुर शहर के आम नागरिकों का व्यापक समर्थन प्राप्त हुआ। संदीप जोशी ने जानकारी दी कि इस आंदोलन को समाज के कई वर्गों का समर्थन मिल रहा है, जिनमें बुजुर्ग, गर्भवती महिलाएं, छोटे बच्चे और बीमार मरीज शामिल हैं। यह आंदोलन सीधे तौर पर आम लोगों के दैनिक जीवन, शांति और स्वास्थ्य सुरक्षा के मुद्दे से जुड़ा हुआ है।

कान के पर्दे और आंखों की रेटिना को खतरा

संदीप जोशी ने आंदोलन के मुख्य कारणों पर बात करते हुए बताया कि इस मोर्चे की प्राथमिक वजह स्वास्थ्य संबंधी गंभीर चिंताएं हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि तेज आवाज वाले डी.जे. और उच्च-डेसिबल म्यूजिक सिस्टम के कारण घरों में मौजूद बुजुर्गों, मरीजों और छोटे बच्चों के कान के पर्दे डैमेज हो रहे हैं।

इसके साथ ही, कार्यक्रमों में प्रयोग की जाने वाली लेज़र बीम लाइटों के कारण आँखों की रेटिना फटने का खतरा उत्पन्न हो रहा है। यही स्वास्थ्य समस्याएं इस आंदोलन का मुख्य आधार और चिंता का विषय हैं।

किसी धर्म, त्यौहार या राजनीतिक दल का विरोध नहीं

आयोजक संदीप जोशी ने आंदोलन के रुख को साफ करते हुए स्पष्ट किया कि यह मोर्चा किसी भी त्यौहार, धर्म या राजनीतिक दल के खिलाफ नहीं है। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य किसी धर्म, राजनीतिक दल या उत्सव का विरोध करना नहीं है, बल्कि यह लड़ाई केवल बुजुर्गों, मरीजों और बच्चों के स्वास्थ्य को नुकसान से बचाने के लिए लड़ी जा रही है।

अदालत का आदेश और आंदोलन का भविष्य

संदीप जोशी ने कल आए अदालत के आदेश का संदर्भ देते हुए बताया कि अदालत के निर्देश से यह स्पष्ट हो गया है कि ये प्रतिबंध और पाबंदियां भविष्य में भी इसी तरह लागू रहेंगी। उन्होंने यह भी ऐलान किया कि शांति और स्वास्थ्य की रक्षा के लिए शुरू किया गया यह आंदोलन आगे भी निर्बाध रूप से जारी रहेगा।

भारी बारिश के बीच भी अनुशासित तरीके से आयोजित इस मूक मोर्चे के जरिए नागपुर वासियों ने अपनी सेहत और शांत वातावरण के लिए एकजुटता व्यक्त की है।

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