गणेशोत्सव से पहले किसानों को झटका, कल्याण APMC में 70-80 से गिरकर 10-30 रुपये किलो हुआ गेंदा

Ganeshotsav Flower Price: गणेशोत्सव के दौरान कल्याण APMC में गेंदे की भारी आवक से दाम गिरकर ₹10-30 प्रति किलो हो गए हैं। उत्पादन व परिवहन लागत न निकलने से किसानों को भारी आर्थिक नुकसान का सामना है।
Marigold flower prices crash during Ganeshotsav: Rates drop to ₹10–30 per kg as supply rises
गणेशोत्सव गेंदा फूलसोर्स- सोशल मीडिया
Published on
Updated on

Kalyan APMC Flower Prices: गणेशोत्सव में गेंदे के फूलों की बढ़ती मांग और अच्छे भाव की उम्मीद में अलग-अलग जिलों से किसान कल्याण एपीएमसी के फूल बाजार पहुंचे थे।

हालांकि, बाजार में फूलों की आवक बढ़ते ही किसानों की उम्मीदों पर पानी फिर गया। 70 से 80 रुपये किलो तक बिकने वाला गेंदा अब महज 10 से 30 रुपये किलो के भाव पर बिक रहा है।

आवक बढ़ते ही गिर गए भाव

गणेश उत्सव से ठीक पहले गेंदे फूलों की मांग बढ़ने की उम्मीद थी, लेकिन बाजार में आवक अधिक होने के कारण गेंदे के भाव में भारी गिरावट आ गई। किसानों का कहना है कि मौजूदा कीमत पर फूल बेचने से उन्हें मुनाफा तो दूर, उत्पादन और परिवहन की लागत निकालना भी मुश्किल हो रहा है।

परिवहन और मजदूरी का खर्च भी नहीं निकल रहा

किसानों के अनुसार, खेत से फूल बाजार तक उपज लाने में वाहन का किराया, मजदूरी और अन्य खर्च होते हैं। बाजार में कम भाव मिलने के कारण फूल बेचकर मिलने वाली रकम इन खर्चों के बराबर भी नहीं पहुंच रही है।

कई किसानों के लिए फूलों को बाजार तक लाना घाटे का सौदा साबित हो रहा है। हालात ऐसे हैं कि कुछ किसानों के सामने फूल बेचने के बजाय उन्हें फेंकने की नौबत आ गई है।

Marigold flower prices crash during Ganeshotsav: Rates drop to ₹10–30 per kg as supply rises
पालघर रिलीफ अस्पताल हंगामा मामला: विधायक के बेटे रोहित गावित को 4 दिन की पुलिस हिरासत

कम बारिश के कारण बढ़ाई थी खेती

इस साल कम बारिश के कारण किसानों ने बड़े पैमाने पर गेंदे की खेती की थी। किसानों को उम्मीद थी कि गणेशोत्सव के दौरान फूलों की मांग बढ़ेगी और उन्हें बेहतर कीमत मिलेगी। इसी उम्मीद में कई किसानों ने फूलों का उत्पादन बढ़ाया था।

किसानों की उम्मीदों पर फिरा पानी

कल्याण शहर में गणेशोत्सव के दौरान गेंदे के फूलों की मांग आमतौर पर बढ़ जाती है। मंदिरों में सजावट से लेकर घरों और गणेश मंडपों की सजावट तक फूलों का इस्तेमाल होता है। इसके बावजूद इस बार बाजार में कीमतों में आई तेज गिरावट ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है।

किसानों का कहना है कि यदि फूलों के भाव में सुधार नहीं हुआ तो बड़ी मात्रा में उपज बर्बाद हो सकती है। पहले ही खेती पर खर्च कर चुके किसानों के लिए यह स्थिति आर्थिक नुकसान को और बढ़ा सकती है।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com