Nagpur RTO Issue: नागपुर में आरटीओ की मेहरबानी के चलते सिटी में बाहरी राज्यों के ट्रक लोकल टैक्स दिये बिना धड़ल्ले से दौड़ रहे हैं। इसके चलते लोकल ट्रांसपोर्टरों को काफी नुकसान का सामना करना पड़ रहा है।
जिस तरह से यहां पर बाहर के ट्रक बिना रोक-टोक के दौड़ रहे हैं, उस तरह यहां के ट्रकों पर अन्य राज्यों पर दौड़ाने की अनुमति नहीं है। यदि बाहर यहां के ट्रक चलते भी हैं तो उनसे तगड़ा टैक्स वसूला जाता है।
जब यहां के ट्रकों को बाहर किसी तरह की छूट नहीं मिलती है तो बाहरी राज्यों के टूकों पर इतनी मेहरबानी क्यों दिखायी जा रही है। इससे राज्य सरकार को करोड़ों-अरबों का नुकसान हो रहा है।
यहां के ट्रांसपोर्टरों ने इस समस्या को लेकर मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, परिवहन मंत्री, आरटीओ और जिलाधिकारी को ज्ञापन भी सौंपा, बावजूद इसके किसी के द्वारा इस पर सुध नहीं ली जा रही। इसके चलते दूसरे राज्यों के ट्रकों की संख्या बढ़ती जा रही है।
नागपुर ट्रेलर ऑनर्स यूनियन के अध्यक्ष शैलेंद्र मिश्रा और उपाध्यक्ष नागोराव वाघ के अनुसार बाहरी राज्यों की गाड़ियों 2 पाइंट के साथ ओवरलोड होकर दौड़ रही हैं। यह लोग कानून का उल्लंघन तो कर रहे हैं। आरटीओ के साथ मिलीभगत के कारण इन गाड़ियों पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। यूनियन की मांग है कि 2 पॉइंट में गाड़ी चलना बंद हो और राजस्व का नुकसान रोका जाए। हम सरकार और आरटीओ से मांग करते हैं कि वे इस पर शीघ्र ही प्रतिबंध लगाये। हम पिछले 12 वर्षों से 2 पॉइंट के मुद्दे के लिए प्रयासरत हैं लेकिन इस पर रोक लगाने की बजाय इसे छूट देकर बढ़ावा दिया जा रहा है।
नागपुर ट्रेलर ऑनर्स यूनियन के अन्य सदस्यों का कहना है कि 2 पॉइंट परिवहन यहां के ट्रांसपोर्टर और गाड़ी मालिक के लिए एक कैंसर की तरह है। ऐसा देश के किसी भी राज्य में नहीं है। केवल यह महाराष्ट्र में ही चल रहा है।
यह सब यहां के अधिकारियों की मिलीभगत से चल रहा है। इसके चलते ही कोई भी 2 पाइंट पर पाबंदी नहीं लगाना चाहता है। आज पूरे महाराष्ट्र से लेकर सिटी के अंदर हन्तारों गाड़ियां बाहर की 2 पाइंट के साथ ओवरलोडेड होकर दौड़ रही है।
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इसके लिए उनको आरटीओ से 2 पॉइंट बचाने के मंथली आरटीओ का कार्ड लेना होता है, मंथली कार्ड होने से आरटीओ अधिकारी उनके किसी तरह के पेपर नहीं देखते।
इस तरीके से बड़ी कमाई की जा रही है। इनके वजह से लोकल ट्रांसपोर्टरों को घाटा सहन करना पड़ रहा है, अब देर न करते हुए इस पर रोक लगाई जाने की मांग यूनियन के सदस्यों ने की है।