Nagpur Road Safety Initiative: नागपुर शहर में सड़क हादसों को कम करने के लिए पुलिस का ऑपरेशन यू-टर्न कारगर साबित हुआ है, लेकिन अब तक पुलिस ब्रेथ एनालाइजर के जरिए केवल शराब पीकर वाहन चलाने वालों की ही जांच करती थी। अब सिटी पुलिस ने अन्य नशीले पदार्थों का सेवन करने वाले वाहन चालकों को पकड़ने के लिए कड़ा कदम उठाया है।
पुलिस ने 1 मई 2026 से शहर में वाहन चालकों की ड्रग टेस्टिंग शुरू करने की घोषणा की है। इसके लिए अत्याधुनिक मशीनों का उपयोग किया जाएगा, जिनके जरिए नशे के प्रभाव में वाहन चलाने वालों की तुरंत पहचान की जा सकेगी।
इस पहल का शुभारंभ पुलिस आयुक्त कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में किया गया। ड्रग टेस्टिंग मशीनों का उद्घाटन सीपी रवींद्रकुमार सिंगल, सेव लाइफ फाउंडेशन के संस्थापक पियुष तिवारी और ज्वाइंट सीपी नवीनचंद्र रेड्डी के हाथों किया गया। अन्य आला अधिकारी भी कार्यक्रम में उपस्थित थे।
ये अत्याधुनिक ड्रग टेस्टिंग मशीने सेब लाइन फाउंडेशन द्वारा कॉधीरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (सीएसआर) के तहत उपलब्ध कराई गई है। यह पहल पुलिस और सामाजिक संस्थाओं के बीच सहयोग का अच्छा उदाहरण मानी जा रही है। नागपुर पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे ट्रैफिक नियमों का पालन करें और जांच के दौरान पुलिस का सहयोग करें, ताकि शहर में सड़क सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
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ड्रग टेस्टिंग की यह पहल शहर में चल रहे ऑपरेशन यू-टर्न' का अहम हिस्सा है, जिसका उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं को कम करना और लापरवाह ड्राइविंग पर रोक लगाना है, मौके पर ही इग टेस्टिंग की सुविधा मिलने से नशे में वाहन चलाने वाली पर प्रभावी रोक लगेगी, नशे की हालत में वाहन बलाते पाए जाने पर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की आएगी। ऐसे मामलों में आरोपियों पर मोटर कीकत एक्ट के साथ ही एनडीपीएस एक्ट के तहत भी मामला दर्ज किया गया है।