पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स प्रोजेक्ट ठंडे बस्ते में (AI Generated Image) 
नागपुर

बूटीबोरी में जमीन तैयार, रामा डैम से पानी का वादा; फिर क्यों नहीं शुरू हो रहा विदर्भ का सबसे बड़ा औद्योगिक हब?

Nagpur Petrochemical Complex News: नागपुर का 1 लाख करोड़ का पेट्रोकेमिकल प्रोजेक्ट अधर में! इंजीनियर्स इंडिया की रिपोर्ट के बाद भी सरकार मौन। बूटीबोरी में जमीन और पानी तैयार, पर निवेश का इंतजार।

प्रिया जैस

Vidarbha Economic Development Council VED: नागपुर जिले में प्रस्तावित बहुचर्चित पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स प्रोजेक्ट फिलहाल ठंडे बस्ते में जाता दिखाई दे रहा है। राज्य और केंद्र स्तर पर लंबे समय से चर्चा में रहे इस प्रोजेक्ट पर अभी तक ठोस प्रगति नहीं हो पाई है जिससे विदर्भ क्षेत्र में औद्योगिक विकास की उम्मीदों को झटका लगा है। अब ग्लोबल क्रूड ऑयल संकट के कारण निकट भविष्य में इस प्रोजेक्ट पर विचार किए जाने पर संदेह व्यक्त किया जा रहा है।

विदर्भ इकोनॉमिक डेवलपमेंट काउंसिल (वेद) लगभग डेढ़ दशक से नागपुर क्षेत्र में एक रिफाइनरी और पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स स्थापित करने की मांग कर रहा है। पूर्व उपाध्यक्ष प्रदीप माहेश्वरी ने 5 साल तक राज्य और केंद्र सरकारों के सामने इस प्रोजेक्ट को जोर-शोर से आगे बढ़ाया। उन्होंने इस प्रोजेक्ट के बारे में सभी मुद्दों को विद्वतापूर्ण तरीके से पेश किया।

राज्य सरकार ने की स्टडी

इससे पहले एमएलए आशीष देशमुख ने भी फडणवीस सरकार के पहले कार्यकाल के दौरान मांग की थी। बाद में उन्होंने महाविकास आघाड़ी के नेताओं को भी एक ज्ञापन दिया था। यह लगभग 1 लाख करोड़ का प्रोजेक्ट है। अगर यह रिफाइनरी होती तो 3 लाख करोड़ रुपये तक के निवेश की उम्मीद थी। इसके बाद पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने संकेत दिए कि रिफाइनरी और कॉम्प्लेक्स का विभाजन किया जाएगा।

  • 1 लाख करोड़ का है प्रोजेक्ट
  • 3 लाख करोड़ तक के निवेश की उम्मीद

आखिर में राज्य सरकार ने इंजीनियर्स इंडिया के जरिए प्रोजेक्ट की स्टडी की। बूटीबोरी में जमीन, पानी और दूसरी सुविधाओं को देखा गया। समृद्धि हाईवे और सिंधी रेलवे पर एक ड्राई पोर्ट पर भी विचार किया गया। माना जा रहा है कि पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स से करीब 60 प्रोडक्ट्स को फायदा होगा। गैस अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने भी प्रोजेक्ट में निवेश करने की तैयारी दिखाई थी।

सरकार को विचार करना चाहिए

पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स पर रिपोर्ट ठंडे बस्ते में है। राज्य सरकार को इस पर फिर से सोचना चाहिए। सिर्फ पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स ही नहीं बल्कि रैमको रिफाइनरी की भी अभी जरूरत है क्योंकि नागपुर ज्योग्राफिकली सुरक्षित है, इसलिए भविष्य में इसका फायदा सेंट्रल इंडिया को मिलेगा।

- शिवकुमार राव, पूर्व अध्यक्ष, वेद

इंजीनियर्स इंडिया की रिपोर्ट

तत्कालीन उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पहल करते हुए इंडस्ट्रियल कॉरपोरेशन को प्रोजेक्ट की स्टडी करने का निर्देश दिया था। इंजीनियर्स इंडिया ने एक रिपोर्ट पेश की कि देश की सेंट्रल सब-कैपिटल के इलाके में एक पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स मुमकिन है। नाफ्ता और इथेन समेत 8 ऑप्शन बताए गए। डेढ़ से दो साल हो गए हैं लेकिन सरकार की तरफ से इस बारे में कोई कदम नहीं उठाया गया है। बूटीबोरी में डेढ़ से दो हजार एकड़ जमीन देखी गई। रामा डैम से 25 मिलियन लीटर पानी देने पर जोर दिया गया।

  • नवभारत लाइव पर नितिन तोटेवार की रिपोर्ट

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