भंडारा रोड चौड़ीकरण( सोर्स: सोशल मीडिया ) 
नागपुर

नागपुर में भंडारा रोड प्रोजेक्ट फिर अटका, मुआवजा लेने के बाद भी अतिक्रमण; 22 अप्रैल से कार्रवाई

Nagpur Old Bhandara Road Project: नागपुर में पुराना भंडारा रोड प्रोजेक्ट फिर अटका। मुआवजा लेने के बाद भी अतिक्रमण नहीं हटाने वालों पर मनपा का सख्त कदम 22 अप्रैल से होगी कार्रवाई।

अंकिता पटेल

Nagpur Road Widening: नागपुर जिले में बीते 3 दशकों से विविध अड़चनों को झेलने वाले पुराना भंडारा रोड के चौड़ाईकरण व सीमेंटीकरण का कार्य फिर लटका दिया गया है। इस रोड के चौड़ाईकरण में बाधा बनने वाले 468 मकानों-दुकानों के बाधित हिस्सों का भी सफाया कर दिया गया है।

प्रॉपर्टी मालिकों को 154 करोड़ रुपयों का मुआवजा भी दिया जा चुका है लेकिन कुछ ऐसे सम्पत्तिधारक हैं जिन्होंने मुआवजा लेकर भी बाधित हिस्सा नहीं हटाया है, इसके चलते निर्माण कार्य लटका हुआ है। अब ऐसे सम्पत्तिधारकों का चाधित हिस्सा तोड़ने की कार्रवाई मनपा, जिलाधिकारी कार्यालय द्वारा 22 अप्रैल से शुरू की जाने वाली है।

मध्य नागपुर विकास आघाड़ी के भूषण दडवे व मोहन मरोड़े ने बताया कि महापौर नीता ठाकरे को निवेदन देकर तत्काल कार्य शुरू करवाने की मांग की है। उन्होंने आश्वस्त किया है कि जिन-जिन प्रभावितों ने मुआवजा ले लिया है उनसे जमीन संपादित करने के लिए 22 अप्रैल से कार्रवाई शुरू की जाएगी।

हंसापुरी हिस्से में कार्य शुरू

मेयो हास्पिटल चौक से हंसापुरी डा. वाडिया के सामने तक रोड के विस्तारीकरण कार्य शुरू कर दिया गया है। जितना हिस्सा बाधित प्रापर्टी से मुक्त किया गया है उन हिस्सों में निर्माण शुरू किया जा रहा है। जो शेष रह गये हैं उन प्रापर्टी के बाधित हिस्सों को भी जल्द ही हटाकर पूरा परिसर मुक्त किया जाएगा ताकि सुनील होटल तक 3 किमी। लंबे इस डीपी रोड का चौड़ाईकरण व सीमेन्टीकरण के कार्य की गति तेज हो सके।

इन हिस्सों में अब तक खाली है जमीन

प्रभावितों को जिलाधिकारी कार्यालय की ओर से लगभग 124 करोड़ रुपये तथा मनपा नागपुर की ओर से 30 करोड़ रुपये ऐसे कुल 154 करोड़ रुपये का मुआवजा मकान मालिकों को दिया जा चुका है। जिन लोगों ने दस्तावेज प्रस्तुत किए हैं, उन्हें भुगतान की प्रक्रिया जारी है।

कुल 468 संपत्तियों में से 356 संपत्तियों की सड़क प्रभावित भूमि खाली कराई गई है। अब तक मेयो अस्पताल से गांजाखेत चौक तथा सुनील होटल से शहीद चौक तक बाधित भूमि खाली कराई गई है लेकिन कुछ लोगों ने मुआवजा लेने के बावजूद भूमि खाली नहीं की जिसे तोड़ने की कार्रवाई शुरू की जाएगी और रोड निर्माण शुरू किया जाएगा।

बताते चलें कि कलेक्ट्रेट द्वारा 15,000 वर्गमीटर का अवार्ड पारित किया गया जिसमें से 9,980 वर्गमीटर बाधित भूमि खाली कराई गई है, तत्कालीन जिलाधिकारी विपिन इटनकर, एसडीओ सुरेश बगले, तहसीलदार राजेश देठे तथा संबंधित अधिकारियों ने एक्शन मोड पर यह कार्य किया था।

7 साल बाद भारत आ रहे चीन के राष्ट्रपति, 2019 की PM मोदी-शी जिनपिंग मुलाकात से अब तक क्या कुछ बदला?

BRICS Summit 2026: दिल्ली में 11 से 13 सितंबर तक क्या रहेगा बंद? स्कूल, दफ्तर से मेट्रो तक, जानें पूरा अपडेट

महाराष्ट्र के नांदेड़ में भीषण हादसा: तेज रफ्तार ट्रक और टाटा मैजिक की टक्कर, 9 लोगों की दर्दनाक मौत

बंगाल में सत्ता बदलते ही अडानी की एंट्री, जल्द शुरू होंगे ये 3 बड़े प्रोजेक्ट्स; जानें पूरी डिटेल

BRICS Summit: दिल्ली में ब्रिक्स का मंच तैयार, किस-किस देश के नेता होंगे शामिल; भारत के लिए क्या है खास?