

AIMIM Nagpur Defamation Controversy: नागपुर मनपा में स्वीकृत सदस्यता के लिए विरोध होने पर भले ही एआईएमआईएम और मुस्लिम लीग की मुस्लिम बहुजन आघाड़ी की ओर से नामांकन न भरा गया हो, लेकिन यह विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है।
आलम यह है कि अब आघाड़ी के घटक दल मुस्लिम लीग ने पूरे मामले से पल्ला झाड़ लिया है, किंतु एआईएमआईएम के भीतर विवाद गहराने लगा है। यहां तक कि अब 1.5 करोड़ रुपये रिश्वत लेने के आरोप को झूठा करार देते हुए मनपा में एआईएमआईएम के गुट नेता शकील पटेल ने आरोप लगाने वाले एवं स्वीकृत सदस्यता के दावेदार उन्हीं की पार्टी के फहीम अंसारी को 5 करोड़ का मानहानि का नोटिस जारी किया है।
मनपा में एआईएमआईएम पार्टी के नवनिर्वाचित पार्षद और गठबंधन के 'गट नेता' शकील पटेल ने सोशल मीडिया पर उनकी छवि खराब करने के आरोप में फहीम अकरम अंसारी नामक व्यक्ति को एक सख्त कानूनी नोटिस भेजा है। इस नोटिस में 48 घंटे के भीतर सार्वजनिक माफी मांगने की मांग की गई है अन्यथा 5 करोड़ रुपये के मानहानि के मुकदमे की चेतावनी दी गई है।
बताया जाता है कि एक ओर जहां शकील पटेल द्वारा उनके खिलाफ किए गए दुष्प्रचार को लेकर कार्रवाई की चेतावनी दी जा रही है, वहीं फहीम गुट की ओर से पार्टी स्तर पर की गई शिकायत का निपटारा अब पार्टी दरबार में है।
बताया जाता है कि दोनों गुटों को औरंगाबाद बुलाया गया है, जहां इस विवाद को मिटाने का प्रयास होगा। जानकारी के अनुसार पार्टी की ओर से फहीम अंसारी को स्वीकृत सदस्यता देने की घोषणा की गई थी।
घोषणा के अनुसार यदि उन्हें सदस्यता दी जाती है, तो 5 वर्षों तक दोनों के बीच खटपट होते रहने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है।
एडवोकेट आबिद खान के माध्यम से भेजे गए इस नोटिस के अनुसार मोमिनपुरा के रहने वाले फहीम अकरम अंसारी पर आरोप है कि उन्होंने वॉट्सएप और अन्य डिजिटल माध्यमों पर पार्षद शकील पटेल के खिलाफ दुर्भावनापूर्ण, झूठे और बेबुनियाद आरोप फैलाए है।
नोटिस में कहा गया है कि फहीम अंसारी ने यह मनगढ़त अफवाह फैलाई कि शकील पटेल ने मनपा में कथित तौर पर एक सीट बेचने के लिए 1.5 करोड़ रुपये की रिश्वत मांगी थी।
इसके अलावा, फहीम पर अपनी आवाज में 18 सेकड की एक ऑडियो क्लिप सोशल मीडिया पर प्रसारित करने का आरोप है, जिसमें उन्होंने शकील पटेल को सार्वजनिक रूप से गद्दार कहकर सबोधित किया है।
शकील पटेल हाल ही में प्रभाग क्रमांक 30 से एआईएमआईएम पार्टी के पार्षद चुने गए है। इसके साथ ही वे महानगर पालिका में एआईएमआईएम, वंचित बहुजन आघाड़ी और इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) के गठबंधन के 'गट नेता' भी है।
शकील पटेल के वकील ने नोटिस के जरिए फहीम अंसारी से नोटिस मिलने के 48 घंटे के भीतर बिना किसी शतं के लिखित में सार्वजनिक स्थ्य से माफी मांगने, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से सभी मानहानिकारक सामग्री (ऑडियो/वीडियो क्लिप और संदेश) तुरत हटाने, भविष्य में ऐसे झूठे और मानहानिकारक बयान देना बंद करने की मांग की।
यदि इन निर्देशों का पालन नहीं करते हैं, तो उन पर भारतीय न्याय संहिता (B।N।S।) की धारा 356 (मानहानि) और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (IT Act), 2000 की प्रासंगिक चाराओं (जिसमे 66D और 67 शामिल है) के तहत आपराधिक मुकदमा दर्ज किया जाएगा,
इसके अलावा, उन पर 5 करोड़ रुपये के हर्जाने के लिए सिविल मानहानि का मुकदमा भी दायर किया जाएगा, नोटिस में फहीम से कानूनी नोटिस के खर्च के रूप में 10,000 रुपये चुकाने को भी कहा गया है। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए कार्रवाई की सूचना पुलिस आयुक्त को भी भेज दी गई है।