सीमेंट रोड (सौजन्य-सोशल मीडिया) 
नागपुर

NMC: 40% कम दाम में कैसे बनेगी मजबूत सड़क? स्थायी समिति सभापति शिवानी दाणी ने विकास कार्यों पर उठाए सवाल

Nagpur NMC Standing Committee: नागपुर मनपा में 40% कम में टेंडर! सभापति शिवानी दाणी ने विकास कार्यों की गुणवत्ता पर जताया संदेह। सुरेन्द्रगढ़ सीमेंट रोड और बॉक्स सेल ब्रिज पर उठे सवाल।

प्रिया जैस

Low Bidding Tenders: नागपुर मनपा द्वारा सीमेंट रोड और अन्य कार्यों के लिए दिए जाने वाले टेंडर को लेकर आपत्तियां भले ही कोई नई बात न हो लेकिन प्रशासक राज के 4 वर्षों के बाद स्थापित हुई सत्ता में पहली स्थायी समिति के सभापति ने भी विकास कार्यों की गुणवत्ता पर संदेह व्यक्त किया है। उल्लेखनीय है कि बुधवार को मनपा मुख्यालय में स्थायी समिति की बैठक हुई।

प्रशासन द्वारा स्थायी समिति के समक्ष रखे गए प्रस्तावों में कई ऐसे प्रस्ताव भी थे जिनमें ठेकेदार कंपनियों ने प्राक्कलन राशि से 40 प्रतिशत तक के कम का टेंडर भरा था। इस तरह के कई प्रस्तावों पर आपत्ति जताते हुए स्थायी समिति सभापति शिवानी दाणी ने कहा कि यदि इतनी कम राशि में टेंडर भरा हो तो ऐसे कार्य की गुणवत्ता का अंदाजा लगाना भी मुश्किल हो जाता है जिसके लिए प्रशासन को ही कोई हल निकालना होगा।

मेसर्स चंदन पहाडे को सीमेंट रोड का काम

बुधवार को हुई स्थायी समिति की बैठक में सार्वजनिक निर्माण कार्य विभाग की ओर से प्रस्ताव रखा गया था जिसमें शास्त्रीनगर गोंड मोहल्ला सुरेन्द्रगढ़ में सीमेंट रोड का निर्माण किया जाना है। विभाग द्वारा दिए गए प्रस्ताव के अनुसार सीमेंट रोड के इस कार्य के लिए 42,09,052 रुपए के कार्य को प्रशासकीय मान्यता प्रदान की गई थी। बुलाए गए टेंडर में 4 कंपनियों ने हिस्सा लिया था।

हालांकि सभी ठेकेदार कंपनियां तो पात्र थीं किंतु मेसर्स चंदन पहाडे की ओर से टेंडर की कीमत से 38.90 प्रतिशत की कम राशि 21,22,974 रुपए का टेंडर भरा गया। स्थायी समिति सभापति शिवानी दाणी ने कहा कि इतनी कम राशि में निर्धारित सीमेंट रोड का निर्माण कैसे होगा? उसकी क्वालिटी कैसे होगी? यही प्रश्न है। बहरहाल चर्चा के बाद इसे मंजूरी प्रदान की गई।

बॉक्स सेल ब्रिज में भी 37 प्रतिशत कम का टेंडर

एक ओर जहां सुरेन्द्रगढ़ में प्रस्तावित सीमेंट रोड में काफी कम का टेंडर भरा गया उसी तरह लक्ष्मीनगर जोन में भी जयताला मालजोंगरे लेआउट में प्रस्तावित बाक्स सेल ब्रिज के लिए भी ठेकेदार कंपनी मेसर्स अमित कर्णे द्वारा 37.18 प्रतिशत कम का टेंडर दिया गया।

इस मामले को लेकर भी स्थायी समिति सभापति ने काफी चिंता जताई। ठेकेदार कंपनी द्वारा 24,92,522 रुपए की राशि का टेंडर भरा गया जिसे स्थायी समिति की ओर से मंजूरी प्रदान की गई किंतु ब्रिज के कार्य की क्वालिटी को लेकर अभी से संदेह जताया जा रहा है।

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