नितिन गडकरी और संजय महाकालकर (सौजन्य-सोशल मीडिया) 
नागपुर

मनपा के पदों के लिए फिल्डिंग सेट! कांग्रेस में भी हलचल, संजय महाकालकर को मिल सकती है बड़ी जिम्मेदारी

Nagpur Municipal Corporation: नागपुर मनपा में पदों के लिए मची होड़! महापौर पद हाथ से जाने के बाद अब स्थायी समिति सभापति के लिए वरिष्ठ पार्षदों ने लगाई फिल्डिंग। जानें ताजा समीकरण।

प्रिया जैस

Nagpur News: नागपुर महानगरपालिका में महापौर का पद खुला वर्ग महिला के लिए आरक्षित होने के बाद लगभग 4 वर्षों से महापौर बनने के सपने देख रहे कुछ वरिष्ठ पार्षदों का सपना टूट गया है। चूंकि अब इस संदर्भ में कुछ नहीं किया जा सकता है, अत: यही वरिष्ठ पार्षद अब मनपा में अन्य महत्वपूर्ण पदों के लिए फिल्डिंग लगाने में जुट गए हैं। आश्चर्यजनक यह है कि कुछ वरिष्ठ पार्षद तो स्थायी समिति का सभापति बनने के सपने भी देख रहे हैं।

सूत्रों के अनुसार भाजपा के 102 पार्षदों में जो भी वरिष्ठ पार्षद चुनकर आए हैं उनमें से अधिकांश पार्षद पहले भी मनपा में वरिष्ठ पदों पर रह चुके हैं। जानकारों की मानें तो मनपा में महत्वपूर्ण पदों पर अनुभवी पार्षदों का होना अनिवार्य है। यही कारण है कि कुछ वरिष्ठ पार्षदों को फिर एक बार महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिल सकती है। सत्तापक्ष नेता, स्थायी समिति सभापति, परिवहन समिति सभापति जैसे महत्वपूर्ण पदों पर सभी की नजरें लगी हुई हैं।

जल्द ही भाजपा पार्लियामेन्ट्री बोर्ड की बैठक

जानकारी के अनुसार मनपा में 102 आंकड़े के साथ बहुमत हासिल कर चुकी भारतीय जनता पार्टी में अब तक नये सदस्यों की बैठक तक नहीं ली गई है। यहां तक कि भाजपा ने गुट नेता का चयन तक नहीं किया है। ऐसे में न केवल विभागीय आयुक्तालय में पार्टी का पंजीयन रुका हुआ है बल्कि अन्य पदों के लिए सदस्यों के नामों पर भी सस्पेंस बना हुआ है। बताया जाता है कि दावोस से मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस के लौटते ही भाजपा के पार्लियामेन्ट्री बोर्ड की बैठक होगी जिसमें तमाम महत्वपूर्ण पदों के लिए नामों पर चर्चा कर आम सहमति बनाई जाएगी। राजनीतिक जानकारों की मानें तो संवैधानिक प्रक्रिया के नाम पर भले ही पार्टी इस तरह की प्रक्रिया पूरी करें किंतु अंतिम निर्णय फडणवीस और गडकरी ही लेंगे।

समर्थकों के लिए जुटे विधायक

जानकारों की मानें तो महापौर पद के लिए सदस्य का चयन पूरी तरह से मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का होगा। ऐसे में अन्य पदों को अपनी झोली में डालने के लिए कुछ पार्षदों ने अपने नेताओं को मनाना शुरू कर दिया है।

जानकारी के अनुसार विधायकों ने भी अपने विधानसभा क्षेत्र को अधिक प्रतिनिधित्व देने तथा समर्थकों को पद दिलाने के लिए तिकड़म लगानी शुरू कर दी है। पूर्व और दक्षिण-पश्चिम में भाजपा के सर्वाधिक पार्षद चुनकर आने के कारण इन दोनों विधानसभा क्षेत्रों को अधिक प्रतिनिधित्व मिलने की संभावना जताई जा रही है।

महाकालकर होंगे कांग्रेस के विपक्ष नेता

भाजपा की तरह ही कांग्रेस की ओर से भी अब तक विभागीय आयुक्तालय में गुट का पंजीयन नहीं कराया गया किंतु कांग्रेस की ओर से वरिष्ठ पार्षद संजय महाकालकर को गुट नेता बनाए जाने का लगभग तय होने की जानकारी सूत्रों ने दी। महाकालकर को यदि गुट नेता बनाया गया तो वे ही मनपा में विपक्ष के नेता होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है। जानकारी के अनुसार 27 जनवरी को कांग्रेस के गुट का पंजीयन होने की जानकारी भी सूत्रों ने दी।

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