नागपुर एनसीसी अकादमी,(प्रतीकात्मक तस्वीर सोर्स: सोशल मीडिया)  
नागपुर

कॉलेज निर्भरता खत्म, नागपुर में बनेगी एनसीसी अकादमी; 20 हजार कैडेट्स को मिलेगा प्रशिक्षण

Nagpur NCC Maharashtra Directorate: नागपुर में एनसीसी ट्रेनिंग अकादमी शुरू होगी, हर साल 20,000 कैडेट्स को आधुनिक प्रशिक्षण मिलेगा, कॉलेजों पर निर्भरता घटेगी।

अंकिता पटेल

Nagpur NCC Academy: नागपुर विदर्भक्षेत्र के एनसीसी कैडेट्स को बेहतर और आधुनिक प्रशिक्षण देने के लिए नागपुर में एनसीसी ट्रेनिंग अकादमी शुरू की जाएगी। इस अकादमी के माध्यम से हर वर्ष करीब 20,000 कैडेट्स को प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससे प्रशिक्षण के लिए कॉलेजों पर निर्भरता भी समाप्त हो जाएगी।

एनसीसी महाराष्ट्र संचालनालय के अतिरिक्त महानिदेशक मेजर जनरल विवेक त्यागी ने बुधवार को मीडिया से चर्चा के दौरान यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राज्य में इस प्रकार की कुल 4 अकादमियां स्थापित की जाएंगी जिनमें छत्रपति संभाजीनगर, नागपुर, मुंबई और कोकण शामिल हैं। अकादमी के लिए भूमि उपलब्ध कराने को लेकर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र भी भेजा गया है।

नागपुर में राष्ट्रीय स्तर का ड्रोन प्रशिक्षण केंद्र

मेजर जनरल त्यागी ने बताया कि नागपुर में राष्ट्रीय स्तर का ड्रोन प्रशिक्षण केंद्र भी शुरू किया जाएगा। इसके तहत राज्यभर से चयनित 170 कैडेट्स की पहली बैच को जल्द प्रशिक्षण दिया जाएगा, यहां कैडेट्स को होन संचालन और आधुनिक तकनीकों की विशेष ट्रेनिंग दी जाएगी, उन्होंने कहा कि इस प्रशिक्षण में बल सेना, वायु सेना और नौसेना के कैडेट्स शामिल होंगे, ड्रोन प्रशिक्षण के साथ-साथ साइबर सुरक्षा और साइबर प्रशिक्षण पर भी विशेष जोर दिया जाएगा।

बढ़ते सदर खतरों को देखते हुए कैडेट्स को इस क्षेत्र में भी दक्ष बनाया जाएगा इसके लिए कई कंपनियों और संस्थाओं के साथ समझझौता करने की प्रक्रिया जारी है, उन्होंने बताया कि नागपुर का केंद्र राष्ट्रीय स्तर का होगा, जबकि राज्य स्तर के कैडेट्स के लिए पुणे में होन प्रशिक्षण केंद्र संचालित किया जाएगा, इस अवसर पर नागपुर एनसीसी के ग्रुप कैप्टन खुशाल व्यास भी उपस्थित थे।

लड़के-लड़कियों का अनुपात 50-50 करने का लक्ष्य

वर्तमान में महाराष्ट्र में लगभग 1.50 लाख एनसीसी कैडेट्स हैं जिनमें लड़के और लड़कियों का अनुपात 60/40 है। इसे भकिय में 50/50 करने का लक्ष्य रखा गया है। नागपुर में यह अनुत पहले से ही संतुलित है और राज्यभर में इसे लागू करने के लिए जागरूकता बढ़ाई जाएगी।

सत्यागी ने बताया कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान 75.000 कैडेट्स ने आपदा प्रबंधन विभाग के साथ मिलकर सिविल डिफेंस का प्रशिक्षण प्राप्त किया। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि छात्र देश की सेवा के प्रति समर्पित भावना के साथ अग्निवीर, सशस्त्र बलों और महाराष्ट्र पुलिस सेवाओं में शामिल हो रहे हैं।

उन्होंने कहा कि बुनियादी ढांचा और प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करने के लिए राज्य सरकार से लगातार संपर्क में है। यह भी विश्वास व्यक्त किया कि महाराष्ट्र के दूरदराज के क्षेत्र में स्थित स्कूलों और कॉलेजों में संपर्क कार्यक्रम के माध्यम से कैडेट कोर का विस्तार किया जाएगा।

युवा विनिमय कार्यक्रम के तहत विदेशी छात्र भी एनसीसी छात्रों के साथ शिविरों और कार्यक्रमों में भाग ले रहे हैं।

नागपुर के कामती स्थित अधिकारी प्रशिक्षण अकादमी में एनसीसी पाठ्यक्रम प्रशिक्षकों, महिला कैडेट प्रशिक्षकों (जीसीआई) और देखभाल अधिकारियों (सौटीओ) जैसे नागरिक कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है और इसके माध्यम से एनसीसी का विस्तार हो रहा है। एनसीसी में शाओं की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हो रही है।

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