नागपुर के मां बम्लेश्वरीनगर में सड़क नहीं (फोटो नवभारत) 
नागपुर

नागपुर में बसी 'भुली हुई बस्ती'! 30 साल से बुनियादी सुविधाओं को तरस रहा मां बम्लेश्वरीनगर

Nagpur News: नागपुर मनपा प्रभाग 4 के मां बम्लेश्वरीनगर में तीन दशकों से मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। जर्जर सड़कें, ठप सफाई व्यवस्था और जनप्रतिनिधियों की बेरुखी से स्थानीय नागरिकों में भारी आक्रोश है।

आकाश मसने

Nagpur Maa Bamleshwari Nagar Problems: नागपुर महानगरपालिका के प्रभाग क्रमांक 4 के अंतर्गत आने वाला मां बम्लेश्वरीनगर पिछले करीब 3 दशकों से मूलभूत सुविधाओं के अभाव में बदहाली के साये में है। बस्ती के रहवासियों का कहना है कि यहां बसने के बाद से आज तक उन्हें पक्की सड़क नसीब नहीं हुई। सड़क के अभाव में लोगों को रोजाना कच्चे और ऊबड़-खाबड़ रास्तों से ही आवागमन करना पड़ता है जिससे विशेषकर बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।

स्थानीय नागरिकों के अनुसार इस समस्या को लेकर कई बार जनप्रतिनिधियों और प्रशासन के समक्ष शिकायतें और निवेदन किए गए लेकिन अब तक इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। लोगों का आरोप है कि हर बार आश्वासन तो दिए जाते हैं परंतु स्थिति जस की तस बनी हुई है। रहवासियों ने बताया कि जिन परिवारों को रोजमर्रा के आवागमन में अत्यधिक कठिनाई होती थी उन्होंने अपने स्तर पर पैसे एकत्रित कर कच्ची सड़क बनवाने का प्रयास किया। हालांकि यह अस्थायी समाधान भी ज्यादा दिन टिक नहीं पाया।

बारिश में घर से बाहर निकला हो जाता है दूभर

बारिश के मौसम में यह रास्ता पूरी तरह कीचड़ में तब्दील हो जाता है जिससे लोगों को घर से बाहर निकलने के लिए भी बेहद मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। कई बार बच्चों को स्कूल जाने में और दोपहिया वाहनों को निकालने में भी परेशानी होती है। बस्तीवासियों का कहना है कि बरसात के दिनों में स्थिति और भी खराब हो जाती है। कीचड़ और गड्ढों के कारण पैदल चलना भी जोखिम भरा हो जाता है। कई बार लोग फिसलकर घायल भी हो चुके हैं। ऐसे में स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से जल्द से जल्द पक्की सड़क सहित अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है, ताकि उन्हें भी सम्मानपूर्वक और सुरक्षित जीवन जीने की सुविधा मिल सके।

गटरलाइन का भी नहीं हुआ निर्माण

प्रियंका अंकुश वानखेड़े ने बताया कि मां बम्लेश्वरीनगर में सड़क के साथ-साथ गटरलाइन की भी व्यवस्था नहीं है। पिछले 30 वर्षों में यहां नाली या गटरलाइन नहीं बिछाई गई जिससे घरों से निकलने वाला पानी सड़कों पर ही जमा हो जाता है। इससे पूरे इलाके में गंदगी फैलने के साथ ही लोगों को दुर्गंध और मच्छरों की समस्या का सामना करना पड़ता है।

सफाई व्यवस्था पूरी तरह ठप

राजवंती लिल्लारे ने कहा कि नागपुर मनपा की ओर से यहां नियमित सफाई भी नहीं की जाती। सफाई कर्मचारी शायद ही कभी इस इलाके में आते हैं। परिणामस्वरूप, जगह-जगह कचरे के ढेर लगे रहते हैं। कई बार तो स्थानीय लोगों को ही आपस में पैसे इकट्ठा कर कचरा हटवाना पड़ता है।

जनप्रतिनिधियों ने बनाई दूरी

मानिका मालाधारी ने कहा कि इलाके में न तो विधायक आते हैं और न ही नगरसेवक। चुनाव के समय तो नेता दिखाई देते हैं लेकिन उसके बाद कोई भी जनता की समस्याएं सुनने नहीं आता। ऐसे में लोगों को लगता है कि उनकी बस्ती विकास की मुख्यधारा से पूरी तरह कट चुकी है।

आज तक कोई बड़ा विकास कार्य नहीं

गीताबाई चौधरी ने बताया कि सन 2003 से लेकर आज तक इस क्षेत्र में कोई भी बड़ा विकास कार्य नहीं हुआ है। बस्ती के लोग अब प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से उम्मीद लगाए बैठे हैं कि जल्द से जल्द यहां सड़क, गटर और सफाई जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, ताकि मां बम्लेश्वरीनगर के लोगों को भी शहर के अन्य क्षेत्रों की तरह सुविधाजनक जीवन मिल सके।

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